इटावा। मामूली कहासुनी के बीच धारदार चीज के वार से पत्नी की जान लेने के आरोपी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम रामप्रताप सिंह राणा की अदालत से आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अभियुक्त पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
अर्चना नामक विवाहिता की हत्या छह दिसंबर 2017 को थाना जसवंतनगर के ग्राम धरवार में हुई थी। घटना की रिपोर्ट मृतका के पिता पटिया ग्राम निवासी ज्ञान सिंह ने दर्ज कराई थी। तहरीर के मुताबिक पति-पत्नी के बीच मामूली कहासुनी में बेटी के अन्य ससुरालियों के भी शामिल होने से गृहकलह बढ़ने लगी थी।
ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए भी दबाव बनाने लगे थे। कहासुनी के बीच ही दामाद मुकेश पाल ने आपा खोया और धारदार चीज से वार करके बेटी अर्चना की हत्या कर दी थी।
इस मामले में मृतका के पति मुकेश पाल के अलावा जेठ चंद्रप्रकाश, रामप्रकाश एवं पानसिंह के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस की विवेचना में दहेज का आरोप साबित न होने पर अन्य आरोपी केस से बाहर कर दिए गए। पति मुकेश पाल के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल हुआ।
एडीजीसी योगेंद्र सिंह परिहार ने मृतका के पक्ष में पैरवी करते हुए अभियुक्त को कड़ी सजा की मांग की। अदालत से मुकेश पाल को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।