अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस भेजा
कोर्ट ने 12 जून 2022 को बांदा कारागार अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस भेजा । इसमें कहा कि क्यों न उनके विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए। इसके बाद भी बांदा जेल के अधिकारियों ने आरोपियों की कोर्ट में न तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी कराई और न ही व्यक्तिगत रूप से पेश किया।
तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश
शस्त्र लूट कांड में जमानत मिलने के बाद जेल से मोहम्मद सलमान कुरैशी, संजय सालुंके, वाजिद शाह को 22 जून व 29 जून को रिहा कर दिया। कोर्ट ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जेल महानिरीक्षक (लखनऊ) को जांच व कार्रवाई के आदेश दिए हैं। डीजीपी जेल ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।
वारंट कहां गया, इसकी जांच होनी चाहिए
इधर, कारागार अधीक्षक वीरेश राज शर्मा का कहना है कि मामला 2022 का है। आरोपियों की पत्रावली में मुंबई की विशेष अदालत का कोई वारंट नहीं है। वारंट कहां गया, इसकी जांच होनी चाहिए। बताया कि इसकी जानकारी जब उन्हें हुई तो जेल में बंद एक आरोपी आमिर को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश कर दिया है।