कई साल से आदेश के बावजूद भी नौबस्ता थाना खाली न होने पर मंगलवार को कोर्ट ने अवमानना पर जिलाधिकारी, एसएसपी और नौबस्ता थानाध्यक्ष को तलब किया है। कोर्ट ने कहा है कि पुलिस और प्रशासन मिलकर जानबूझकर उसके आदेश का पालन नहीं होने दे रहे हैं।
अब इस मामले पर 28 अप्रैल को सुनवाई होगी। दरअसल, एक परिवार अपनी जमीन खाली कराने के लिए नौबस्ता पुलिस के खिलाफ 28 साल से लंबी लड़ाई लड़ रहा है। करीब तीन साल पहले कोर्ट ने थाना खाली कराने का आदेश्ा दिया है।
105/668 डिप्टी का पड़ाव निवासी दिलीप साहू, जागेश्वर प्रसाद और प्रदीप साहू के मकान नंबर 85 धरी का पुरवा नौबस्ता में 13 विस्वा जमीन (इस समय कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये) पर पुलिस ने कब्जा कर चौकी बना ली थी।
इस पर इनके पिता रामपाल ने 1987 में अदालत में इजरा दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई। पांच जनवरी 1994 को रामपाल की मौत हो गई।
इसके बाद कोर्ट में भाई संदीप साहू ने पैरवी शुरू की। 1998 में संदीप की मौत हो गई। अब कोर्ट में तीनों भाई, संदीप की पत्नी वादी हैं। इजरा वाद संख्या 68/1987 रामपाल बनाम स्टेट मकान नंबर 85 धरी का पुरवा नौबस्ता सिविल जज सीनियर डिवीजन हरेंद्र बहादुर सिंह की कोर्ट में चल रहा है।
मंगलवार को कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि 1987 से चल रहे इस बहुत पुराने मामले में कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हो पा रहा है।