कानपुर देहात। शिवराजपुर थाना क्षेत्र के बिरहान गांव में वर्ष 2003 में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में एडीजे-दो/एससीएसटी की अदालत ने सगे भाईयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर अलग-अलग बीस-बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी केके शुक्ला और सीबीसीआईडी के एसपीओ नागेश दीक्षित ने बताया कि कानपुर नगर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिरहान गांव के रहने वाले रामप्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई फूलचंद्र अपनी महिला मित्र राजमनी के साथ ग्राम समाज की जमीन पर दो कमरे बनाकर रहता था। गांव के ही सगे भाई सुरेश कटियार व गिरीश कटियार की निगाह थी। वह फूलचंद्र से जमीन को खाली कराकर कब्जा करना चाहते थे। बात न मानने पर सगे भाईयों ने मिलकर 28/29 जुलाई 2003 की रात फूलचंद्र व राजमनी की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बांका आरोपी गिरीश कटियार की निशानदेही पर बरामद किया था। मामले की सुनवाई एडीजे-दो/एएसएसटी अखिलेश पाठक की अदालत में चल रही थी। एसपीओ ने बताया कि मामले में दो डॉक्टर सहित कुल नौ गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुरेश कटियार व गिरीश कटियार को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।