फोटो 27::::भरथना रेलवे स्टेशन पर परिवार के साथ मोहम्मद साबिर। स्रोत आरपीएफ
इटावा। ब्रह्मपुत्र मेल में पति-पत्नी में घरेलू बातों को लेकर झगड़ा हो गया। नाराज पत्नी डेढ़ साल के बेटे को लेकर भरथना रेलवे स्टेशन पर उतर गई। पति की जब आंख खुली तो पत्नी को ट्रेन में न पाकर खलबली मच गई। सह यात्रियों ने महिला के भरथना रेलवे स्टेशन पर उतरने की सूचना दी। कंट्रोल रूम में सूचना के बाद आरपीएफ टीम ने महिला व बच्चे को सुरक्षित बैठाया। बाद में परिजन दूसरी ट्रेन से लौटे तो उन्हें सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया।
मोहम्मद साबिर निवासी सी 46 सीमेंट साडिंग शकूर बस्ती उत्तर पश्चिमी दिल्ली ने बताया कि वह पिता महमूद खान, पत्नी नुसरत खातून व दो बच्चों को लेकर बिहार के किशनगंज से ब्रह्मपुत्र मेल से घर लौट रहा था। साबिर के पिता महमूद खान ने बताया कि बेटा व बहू में घरेलू काम को लेकर ट्रेन में ही झगड़ा हो गया। इसके बाद दोनों ने बात करनी बंद कर दी। लंबे सफर के दौरान वह उसका बेटा व बच्चे सो गए। इस दौरान ब्रह्मपुत्र मेल भरथना में कुछ देर के लिए रुकी। इस दौरान बहू डेढ़ साल के बेटे को लेकर भरथना रेलवे पर उतर गई।
जसंवतनगर रेलवे स्टेशन निकलने के बाद पति मोहम्मद साबिर की आंख खुली। इस दौरान उसने पत्नी व बेट को को ट्रेन में देखकर पिता से पूछा लेकिन वह कुछ नहीं पता सके। सह यात्रियों से पूछने पर उन्होंने महिला के भरथना रेलवे स्टेशन पर उतरने की जानकारी दी। ट्रेन में चल रहे स्कॉट ने इसकी सूचना टूंडला कंट्रोल रूम में दी।
इसके बाद यह सूचना भरथना पर दी गई। यहां आरपीएफ सिपाही संजय सिंह व रवींद्र पाल ने महिला व बच्चे को सुरक्षित बरामद बैठा लिया। वहीं, परिजन ट्रेन के शिकोहाबाद रुकने पर दूसरी ट्रेन से भरथना रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां आरपीएफ ने महिला व बच्चे को उनके सुपुर्द कर दिया। इस पर उन्होंने आरपीएफ की प्रशंसा कर उनका धन्यवाद दिया।