कोंच नगर पालिका परिषद में गुरुवार को उस समय बड़ा प्रशासनिक गतिरोध पैदा हो गया, जब अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली से नाराज सभासदों ने मोर्चा खोल दिया। वार्डों की जनसमस्याओं की अनदेखी से आक्रोशित कई सभासदों ने न केवल पालिका के मुख्य गेट पर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की, बल्कि गेट पर ताला भी जड़ दिया।
वार्डों में विकास ठप, सिर्फ मिल रहा आश्वासन' सभासदों का गंभीर आरोप
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे नाराज सभासदों ने अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव पर तानाशाही और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनहीनता बरतने का सीधा आरोप लगाया है। सभासदों का कहना है कि उनके संबंधित वार्डों में मूलभूत नागरिक सुविधाएं पूरी तरह से चरमरा चुकी हैं।
सभासदों ने मुख्य रूप से इन समस्याओं को उठाया:
टूटी सड़कें और गड्ढे: वार्डों की आंतरिक सड़कें बदहाल हैं, जिससे आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं।
जलभराव और नालियां: हल्की बारिश में भी गलियां तालाब बन जाती हैं, लेकिन जल निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है।
सफाई व्यवस्था ठप: कचरा उठान नियमित न होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
अंधेरे में वार्ड: स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया है।
ईओ ने आरोपों को बताया निराधार, एसडीएम को भेजी रिपोर्ट
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए नगर पालिका कोंच की अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव ने सभासदों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से तथ्यहीन और निराधार बताया है। उन्होंने साफ किया कि पालिका प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ सभी वार्डों में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य करा रहा है।