नगर निगम के पार्षदों को बुधवार को पहली बार भत्ता मिला। पार्षदों ने भत्ता कम होने का तर्क देते हुए महापौर और नगर आयुक्त से इसे बढ़ाने की मांग की।
वर्ष 2012 में नगर निगम सदन का गठन होने के बाद सर्वसम्मति से पार्षदों को सदन की बैठक में शामिल होने पर प्रतिदिन 300 रुपये भत्ता देने का फैसला हुआ था। इसके बाद पांच सदन हुए, पर पार्षद भत्ते से महरूम रहे।
उनका पांच बार का भत्ता बाकी था। 2013 में सदन की बैठक में सर्वसम्मति से यह भत्ता बढ़ाकर 1500 रुपये करने का फैसला हुआ, तब से तीन बार सदन की बैठक हो चुकी है, पर नगर निगम के वित्त अधिकारी ने दो सदनों का ही भत्ता दिया। जो पार्षद सदन की सभी बैठकों में शामिल थे, उनमें से एकाउंट का विस्तृत ब्योरा देने वालों के खाते में 4500 प्रति पार्षद के हिसाब से पहुंचाया गया।
जबकि सपा पार्षद दल के नेता सुहेल अहमद, नवीन पंडित आदि को 4500-4500 रुपये के चेक दिए गए। इन दोनों पार्षदों के साथ ही राकेश साहू, मदन बाबू आदि ने भत्ता बढ़ाने की मांग की है।