कानपुर। नगर निगम में निष्कासित पार्षदों और महापाैर के पुत्र को लेकर चल रहे मामले का पटाक्षेप करने से पहले एक बार फिर से मंगलवार को दोनों पक्षों के पार्षदों से भाजपा जिलाध्यक्ष व क्षेत्रीय अध्यक्ष पूछताछ करेंगे। इसके बाद प्रभारी मंत्री के सामने महापाैर प्रमिला पांडेय की उपस्थिति में फाइनल टेबल पर बात होगी। इसे लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष और क्षेत्रीय अध्यक्ष ने पूरे मामले पर दिन भर मंथन किया।
माना जा रहा है कि निष्कासित पार्षदों की निगम में वापसी के साथ उन्हें संगठन की ओर से चेतावनी भी दी जा सकती है। साथ ही निष्कासित पार्षदों के अपने क्षेत्रों में निगम की ओर से बजट नहीं देने वाली बात की सच्चाई भी सामने आ जाएगी। यदि यह आरोप सही निकलेगा तो संगठन इसे गंभीरता से भी ले सकता है। पता चला है कि सोमवार को इस प्रकरण में पार्टी के उत्तर इकाई जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित और क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने मंथन किया है। इसी कड़ी में छह जनवरी को सुबह 11 बजे निष्कासित और उनके साथ वाले सभी छह पार्षदों को भाजपा उत्तर जिला कार्यालय नवीन मार्केट में बुलाया गया है। यहां पर जिलाध्यक्ष इन सभी से एक-एक कर बात करेंगे। दोपहर बाद प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के महानगर आगमन पर देर शाम सर्किट हाउस में दोनों पक्षों के पार्षदों को बुलाकर बातें सुनी जाएंगी।
बताया जा रहा है कि महापाैर को भी माैजूद रहने के लिए कहा गया है। माना जा रहा है कि सभी पहलुओं पर विचार करते हुए संगठन में संतुलन बनाने पर जोर दिया जाएगा। इस बीच निष्कासित पार्षदों की ओर से एक पत्र नगर आयुक्त को भी साैंपा गया है। इसमें उन्होंने जोन एक, तीन और चार में 14वें और 15वें वित्त के बजट से कराए गए कार्यों का ब्याेरा मांगा है। निष्कासित पार्षद यह दिखाना चाहते हैं कि शहर के अन्य जोन की अपेक्षा यहां के पार्षदों को काफी कम बजट दिया गया है जबकि उन लोगों की ओर से लगातार मांग की जाती रही है।