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भ्रष्टाचार पर सब लाचार

Sun, 10 Jan 2016 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
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मनोहर नगर, बर्रा में शनिवार को फिर ओवरलोडेड ट्रक की वजह से सड़क धंस गई। इससे पहले भी वहां एक महीने के भीतर तीन बार सड़कें धंस चुकी हैं। अधिकारी केवल जांच की बात कहते हैं। नगर आयुक्त देवेंद्र सिंह कुशवाहा के आदेश पर 15 दिन पहले नगर निगम के तब के मुख्य अभियंता तरुण शर्मा इसकी जांच कर रहे थे।
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अफसर-ठेकेदार मौसेरे भाई के कारण उन्होंने लीपापोती की रिपोर्ट दी जिसे नगर आयुक्त ने खारिज कर दिया और नए नगर आयुक्त को जांच दी। नए नगर आयुक्त बेचारे ‘सिर मुंड़ाते ही ओले पड़ने’ की हालत में है क्योंकि 12 को मुख्यमंत्री शहर आ रहे हैं। इतना काम है कि पूछो मत।

अब चप्पा-चप्पा चमकाया जा रहा है। पहले तो अधिकारी कुछ करते नहीं इसलिए इकट्ठा काम आ गया है सो वे जांच रिपोर्ट सीएम का कार्यक्रम निपट जाने के बाद देंगे। अब बात करें खुदाई की तो ये कहा जाने लगा है कि ‘खुदा शहर खुदा के हवाले’। कोई नहीं जानता कब कहां कैसे खुदाई होगी, बस खोदे रहो-खोदे रहो।
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एक और भ्रष्टाचार, अवैध खनन, जो अमृत पी चुका है। इसे कोई नहीं खत्म कर सकता। अफसर भी यह मानते हैं कि इससे बड़े-बड़ों का पेट भरता है। जितनी ऊंची गाड़ी, उतनी ऊंची पहुंच, सो सबसे भली चुप।

बर्रा दो मनोहर नगर में आरसीसी रोड पर शनिवार को फिर एक ट्रक धंस गया। इससे एक घर के बाहर बनी बाउंड्री में दरार आने के साथ ही तीन घरों की जालियां टूट गईं। लोगों ने आननफानन बांस-बल्ली लगाकर ट्रक को थामा और मौरंग से खाली कराया।

इस दौरान लोगों ने चालक को पीटा भी और कहा कि ओवरलोड की वजह से ही इस सड़क की सूरत बिगड़ गई है। 13 साल पुरानी सड़क अब पता नहीं कब बने। बता दें मनोहर नगर में जहां यह सड़क धंसी है, उसी के बगल वाली गली में करीब 20 दिन पहले स्कूल के सामने ट्रक धंस गया था। इसके बाद एक और ट्रक धंसा था। इलाकाई लोग कह रहे हैं कि घटिया निर्माण के कारण ऐसा हो रहा है।

मनोहर नगर में ईडब्लूएस की पांच नंबर गली में बलबीर सिंह के प्लाट पर निर्माण चल रहा है। दोपहर करीब डेढ़ बजे एक ट्रक मौरंग लेकर पहुंचा। गली में घुसते ही ट्रक का पिछला पहिया आनंद कुमार के मकान के सामने सड़क में धंस गया और किनारे बने मकानों की ओर झुक गया। मोहल्ले में हल्ला मच गया।

आनंद के घर की महिलाएं और बच्चे बाहर निकल आए। ट्रक धंसने से आनंद के घर के बाहर बनी बाउंड्री और ग्रिल टूट गई। पड़ोसी गणेश शंकर और विक्रम सिंह की भी ग्रिल टूट गईं।

शहर में मनमानी और खोखले दिमाग से की जा रही खुदाई एक बार फिर आफत का सबब बनते बची। गोविंदपुरी के समानांतर पुल निर्माण के लिए रैंप की खुदाई के दौरान रास्ते में सीयूजीएल (सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड) की पाइप लाइन आ गई। वो तो शुक्र है कि पाइप लाइन दिख गई और जेसीबी रोक ली गई वर्ना भयंकर हादसा होता।

इससे पहले शहर में मनमानी खुदाई के कारण कई बार पीएनजी और सीएनजी लाइनें फट चुकी हैं। पाइप लाइनें तो रोज ही फटती हैं। गोविंदपुरी पुल का निर्माण पूरा करने की डेड लाइन 26 जनवरी है। तीन दिन पहले सेतु निगम ने फजलगंज की तरफ अंतिम पिलर और रैंप निर्माण के लिए खुदाई शुरू कराई थी।

अब फजलगंज में पेट्रोल पंप के सामने सीयूजीएल की लाइन आ गई। इस पर सेतु निगम ने तत्काल काम बंद करा दिया। सेतु निगम के अफसरों ने बताया कि सीयूजीएल ने गैस पाइप लाइन की जानकारी नहीं दी थी। समय रहते पाइप लाइन का पता चलने से हादसा टल गया।

वहीं, जल कल विभाग की तरफ से लाइन शिफ्टिंग का काम डेढ़ महीना से शुरू नहीं हो पाया है। सीयूजीएल ने जल्द लाइन शिफ्ट कराने का आश्वासन दिया है। अब लाइन शिफ्ट होने के बाद ही रैंप निर्माण हो सकेगा।

अवैध खनन की मलाई अधिकारी-कर्मचारी और नेता मिल कर खा रहे हैं और भुगत रही है जनता। ओवरलोडेड ट्रकों से सड़कें-हाईवे धंस रहे हैं, नदियों का रास्ता बदल रहा है, आस-पास के इलाकों में जमीन फट रही है लेकिन कोई देखने वाला नहीं।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने शुक्रवार रात घाटमपुर टोल प्लाजा पर खड़े होकर चेकिंग की तो हकीकत सामने आ गई। डेढ़ घंटे में उन्होंने बिना रवन्ना (खनन विभाग का दस्तावेज) बालू और मौरंग ले जाते पांच ट्रक सीज किए। कहा गया है कि अब लापरवाही में खनन विभाग और आरटीओ के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। हालांकि यह धंधा सालों से जारी है और अवैध खनन पर रोक लगती नहीं दिखती।

शुक्रवार रात डीएम का घाटमपुर के बैजागांव और शेरपुर में रात्रि प्रवास था। इस दौरान वह रात 12 बजे एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह और एसडीएम घाटमपुर के साथ घाटमपुर टोल प्लाजा पहुंच गए और ट्रकों की चेकिंग चालू कर दी। एडीएम फाइनेंस ने बताया कि डीएम ने रात 12 बजे से डेढ़ बजे तक खुद करीब पचास ट्रकों की जांच की। दस ट्रकों का वजन कराया और कुछ की नाप-जोख भी करते रहे।

इस दौरान पांच ट्रक बिना रवन्ना के बालू और मौरंग ले जाते पकड़े गए। इनमें 30-30 घन मीटर बालू और मौरंग थी। बालू, मौरंग या मिट्टी ले जाते समय खनन विभाग के इंस्पेक्टर के साइन से जारी रवन्ना होना जरूरी है। बताया गया अवैध खनन हमीरपुर में बेतवा नदी से हो रहा है।
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