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Coronavirus Vaccine: कानपुर के 15 वॉलिंटियर पर होगा वैक्सीन का ट्रायल, पूरी हुई सेहत की स्क्रीनिंग

Tue, 28 Jul 2020 01:28 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : social media
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कोरोना से बचाव के लिए स्वदेशी को-वैक्सीन का मानव ट्रायल शहर के 15 वॉलिंटियर पर होगा। सोमवार को आर्य नगर स्थित प्रखर अस्पताल में इन सभी वॉलिंटियर की सेहत की स्क्रीनिंग हुई। सेहत संबंधी विभिन्न जांचों के लिए इनका सैंपल इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की दिल्ली स्थित लैब भेजा गया है।
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रिपोर्ट आने के बाद इन्हें वैक्सीन की पहली डोज दी जाएगी। कानपुर प्रदेश का पहला शहर होगा जहां कोविड वैक्सीन के ट्रायल की शुरुआत हो रही है। यह वैक्सीन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से जुड़ी भारत बायोटेक कंपनी ने तैयार की है। आईसीएमआर की निगरानी में यह ट्रायल देश के विभिन्न प्रांतों के 12 चिकित्सा संस्थानों में किया जा रहा है।

यूपी में कानपुर के प्रखर अस्पताल और गोरखपुर के एक निजी क्षेत्र के अस्पताल को चयनित किया गया। गोरखपुर से पहले कानपुर में यह प्रक्रिया शुरू हुई है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार को इन वॉलिंटियर को पहली डोज (.5 एमएल) दी जा सकती है। फिर 14 दिन बाद इन वॉलिंटियर को बुलाया जाएगा। ट्रायल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, आईसीएमआर की निगरानी में होगा।
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डोज देने सेपहले जांचों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वॉलिंटियर डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हृदय व गुर्दा-लिवर आदि रोगों की गिरफ्त में तो नहीं हैं। प्रखर अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि स्क्रीनिंग के बाद सैंपल भेज दिए गए हैं। वैक्सीन का डोज देने के बाद साइड इफैक्ट देखने के लिए वॉलिंटियर को दो-तीन घंटे अस्पताल में ही रखा जाएगा। 

दो सप्ताह में ही बनने लगती एंटी बॉडीज
वैक्सीन लगने के दो सप्ताह के अंदर एंटी बॉडीज बनने लगती है। स्वदेशी कोविड वैक्सीन के ट्रायल में दो सप्ताह एंटी बॉडीज की संख्या देखी जाएगी। इसके बाद फिर एक डोज दी जाएगी। इसके 14 दिन के बाद फिर एंटी बॉडीज की संख्या देखेंगे। एंटी बॉडीज की संख्या ही कोरोना के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता का मानक तय करेगी। इसके साथ ही वैक्सीन के साइड इफैक्ट्स के बारे में पता चल जाएगा। डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि आगे भी वॉलिंटियर में एंटी बॉडीज की जांच होती रहेगी।

रोटा वायरस वैक्सीन का भी हुआ था ट्रायल
प्रखर अस्पताल में रोटा और पेंटावेलिन वैक्सीन का ट्रायल हो चुका है। इसके बाद अब कोविड वैक्सीन का ट्रायल हो रहा है। रोटा वैक्सीन डायरिया और पेंटावेलिन डिप्थीरिया, परट्यूसिस और टीबी के खिलाफ शरीर में प्रतिरोधक क्षमता विकसित करती है।
 
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