स्वदेशी कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सिन’ के तीसरे चरण के ट्रायल के तहत बुधवार को 22 महिलाओं सहित 57 वॉलंटियर को डोज दी गई। किसी वॉलंटियर में कोई साइड इफैक्ट नहीं दिखा। ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने निजी क्षेत्र की वैक्सीन जाइको डी के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए अनुमति दे दी है।
लेकिन अभी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने तिथि नहीं बताई है। उधर, रूसी वैक्सीन के दूसरे चरण के नतीजे आने के बाद तीसरा चरण शुरू होगा। एंटीबॉडीज जांच के लिए सैंपल भेजे जा चुके हैं। कई और कंपनियां शहर मेें वैक्सीन ट्रायल के लिए प्रयास कर रही हैं।
स्वदेशी कोवैक्सिन के अलावा अभी शहर में दो दवा कंपनियाें की वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में दिल्ली की रेड्डी फार्मा रूसी वैक्सीन तो प्रखर अस्पताल में कोवैक्सिन के अलावा जाइडल कैडिला कंपनी की जाइको-डी वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है।
जाइको डी का 40 वॉलंटियर पर दूसरा ट्रायल हो चुका है। अब दिसंबर के अंत में तीसरा ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है। देश में आठ कंपनियां वैक्सीन पर काम कर रही हैं। प्रखर अस्पताल के चीफ गाइड डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि सरकार की वैक्सीन कोवैक्सिन है। इसके लिए वायरस का स्ट्रेन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने दिया है।