फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर: मेडिकल स्टोरों में मास्क, सैनिटाइजर खत्म, थोक कारोबारियों ने आपूर्ति से खड़े किए हाथ

Sun, 15 Mar 2020 01:44 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
कोरोना मास्क - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कानपुर में कोरोना वायरस के भय से थोक दवा बाजार में मास्क और सैनिटाइजर की मांग में कई गुना इजाफा होने से आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। आलम यह है कि थोक विक्रेता दो से तीन दिन में स्टॉक उपलब्ध करा पा रहे हैं। इस वजह से शहर में बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोरों में मास्क और सैनिटाइजर खत्म हो गए हैं।
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश केमिस्ट डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के महामंत्री राजेंद्र सैनी ने बताया कि सामान्य दिनों में 30 से 40 हजार मास्क की बिक्री होती थी। अब दो सप्ताह से मांग में लगातार इजाफा हो रहा है। कोरोना की खबरें देख, पढ़कर हर व्यक्ति मास्क खरीदना चाहता है।

इस वजह से मास्क की मांग में इजाफा हो रहा है। अब रोजाना तीन से चार लाख पीस मास्क की मांग आ रही है। अचानक मांग बढ़ने से उत्पादन में कई गुना इजाफा किया गया है, लेकिन समय पर आपूर्ति नहीं हो पा रही है। मांग इसी रफ्तार से बनी रही तो आने वाले दिनों में संकट बढ़ सकता है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन

एमआरपी से ज्यादा कीमत नहीं
मांग बढ़ने से मास्क या सैनिटाइजर की कीमत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि इसे एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक पर नहीं बेचा जा सकता। यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक अधिक कीमत वसूल रहा है तो इसकी शिकायत जिलाधिकारी के अधीन आने वाले खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में की जा सकती है।

कच्चे माल का स्टॉक सीमित, अब दिखेगा असर
फुटकर दवा व्यापार मंडल के महामंत्री प्रवीण बाजपेई का आकलन है कि कोरोना का संकट यदि एक महीने तक इसी तरह बना रहा तो दवा उद्योग के लिए परेशानी होने वाली है। चूंकि चीन से एक महीने से दवाओं और मेडिकल उपकरणों का आयात पूरी तरह ठप है, इसलिए दवा और उपकरण बनाने वाली स्वदेशी कंपनियों के पास कच्चे माल का सीमित स्टॉक बचा है। ऐसे हालात में अगले महीने तक दवाओं और उपकरणों का संकट पैदा हो सकता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें