जालौन जिले में कोरोना के तीन और मरीज मिले
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जालौन में कोरोना संक्रमित मरीजों का सिलसिला थम नहीं रहा है। मंगलवार सुबह आई रिपोर्ट में तीन और पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। जिनमें दो आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीम के सदस्य हैं। जिसमें एक बीएएमएस डॉक्टर व दूसरा पैरामेडिकल स्टाफ है। फिलहाल तीनों संक्रमित उरई शहर के अलग-अलग मोहल्लों के हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन तीनों इलाकों में पहुंचकर मोहल्लों को सैनिटाइज करने में जुट गई हं। इसके अलावा तीनों संक्रमितों के संपर्क के लोगों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। बता दें कि जिले में लॉकडाउन के एक माह बाद 26 अप्रैल से संक्रमित मरीजों के सामने आने का सिलसिला शुरू हुआ था। जिसमें सबसे पहले जिला अस्पताल के डॉक्टर और उनकी पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
इसके बाद अस्पताल के ठीक सामने स्थित नर्सिंगहोम के तिलक नगर निवासी ओटी मैनेजर की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। तब से पाजिटिव रिपोर्ट आने का जो सिलसिला शुरू हुआ, जिससे 9 मई यानी शनिवार तक संक्रमितों की संख्या 30 पहुंच गई थी। इसके बाद मंगलवार को तीन और पॉजिटिव रिपोर्ट आने से यह संख्या 33 पहुंच गई।
मंगलवार को आई रिपोर्ट में दो व्यक्ति राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) टीम के सदस्य हैं, जिनमें से एक डॉक्टर (46) कोंच रोड स्थित पटेल नगर के निवासी है और दूसरा पैरामेडिकल स्टाफ (38) उरई के ही सूर्य नगर का निवासी है। यह दोनों कोरोना की जांच पड़ताल के लिए गठित आरआरटी (रैपिड रेस्पांस टीम) के भी सक्रिय सदस्य हैं। इनके अलावा तीसरा व्यक्ति (33) उरई के ही तिलक नगर का निवासी है।
बता दें कि तिलक नगर से ही नर्सिंगहोम का ओटी मैनेजर और एक छात्र भी संक्रमित पाया जा चुका है। इस तरह तिलक नगर इलाके से अभी तक चार कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। मंगलवार की रिपोर्ट आते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें नया पटेल नगर, सूर्य नगर और तिलक नगर पहुंची।
सीएमओ डॉ अल्पना बरतरिया ने बताया कि यहां पर संक्रमितों के घरों के साथ-साथ आसपास के मकानों को भी सैनेटाइज कराया गया है। इसके अलावा इनके संपर्क के लोगों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। संक्रमितों को इलाज के लिए मेडिकल कालेज पहुंचाया जा रहा है।
क्वारंटीन सेंटरों में जांच को जाते थे डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक संक्रमित बीएएमएस डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ (फीजियोथैरिपिस्ट) की ड्यूटी इन दिनों रैपिड रेस्पांस टीम में थी, जो जालौन ब्लाक में सक्रिय थी। बताया जाता है कि इसके अलावा दोनों की ड्यूटी क्वारंटीन सेंटरों पर भी लगी थी। जहां पर यह बाहर से मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच कर अपनी रिपोर्ट दिया करते थे। संक्रमित डॉक्टर की पत्नी भी जालौन ब्लाॅक के एक गांव में महिला डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उनके भी सैंपल लिए जा रहे हैं।
जिले में डॉक्टर का दूसरा मामला
जिले में डॉक्टर का दूसरा मामला सामने आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है। इससे पहले जिला अस्पताल के डॉक्टर संक्रमण की चपेट में आए थे, जिनकी बाद में लखनऊ में किडनी फेल होने से मौत हो गई थी। इसके बाद राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े बीएएमएस डॉक्टर के संक्रमित होने से एक बार फिर चिकित्सकों में हड़कंप मचा है। इसके साथ ही डॉक्टरों में सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता किए जाने की मांग तेज हो गई है।