कन्नौज जिले में कोरोना वायरस से 105 साल की उम्र में जंग जीतने वाली रामबेटी ने घर पहुंचने पर दम तोड़ दिया। अस्पताल में उन्हें डॉक्टर व स्टाफ ने विजेता घोषित कर तालियां बजाते हुए घर भेजा था। दो घंटे के भीतर उनकी सांसें थम गईं।
कस्बा सौरिख के पट्रोल पंप के पास के पास रहने वाली 105 वर्षीय रामबेटी पत्नी स्व0 सुखलाल कोरोना संक्त्रस्मण के चपेट में आ गई थीं। उन्हें मेडिकल कालेज के कोविड अस्पताल में 24 जुलाई को भर्ती कराया था। गंभीर हालत के चलते चिकित्सकों ने उन्हें हाईरिस्क पर रखा था।
आखिरकार 11 दिन बाद चिकित्सकों की मेहनत रंग लाई। ट्रूनेट से हुई जांच में रामबेटी की रिपोर्ट निगेटिव आई। जिससे चिकित्सकों और स्टाफ में खुशी की लहर दौड़ गई। मेडिकल कालेज प्रशासन ने रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसके परिजनों को सूचना दी।
कॉलेज में पहुंचे परिजनों के आने बाद चिकित्सकों और कर्मचारियों ने उन्हें विदाई दी। तालियां बजाकर उन्हें पूरे स्टाफ ने घर भेजा। रामबेटी ने भी वहां कहा कि यहां बहुत सेवा भई। हाथ हिलाकर उन्होंने सभी का आभार भी जताया था, उनके चेहरे पर खुशी थी।
पर, घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद रामबेटी ने दम तोड़ दिया। रामबेटी की मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों से लेकर इलाज करने वाले चिकित्सकाें में मायूसी छा गई। मेडिकल कालेज के सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद राम बेटी को अस्पताल से सभी लोगों ने खुश होकर विदा किया था। उनकी मौत की जानकारी से मन उदास हो गया है।