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हैलो...डॉक्टर साहब मेरा कुत्ता खांस रहा है, उसे कोरोना तो नहीं, हर रोज आ रहीं अजीबोगरीब कॉल

Sat, 18 Apr 2020 06:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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कानपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और स्मार्ट सिटी के संयुक्त तत्वावधान में मोतीझील में संचालित टेलीमेडिसिन सेंटर के डॉक्टर कॉल के माध्यम से आने वालीं अजीबोगरीब समस्याओं से रूबरू हो रहे हैं। लोग स्वास्थ्य के अलावा तरह-तरह की अन्य दिक्कतें भी बता रहे हैं।
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कई लोग तो सिर्फ यह जानने के लिए कॉल करते हैं कि टेलीफोन नंबर काम कर रहा है या नहीं। इसके लिए शुक्रवार को भी टेलीमेडिसिन सेंटर में 5 कॉल आईं। चार लोगों ने पूछा कि मुझे कोरोना तो नहीं। पांच कॉल पारिवारिक उलझनों और इतनी ही कॉल्स राशन न मिलने आदि से संबंधित रहीं। टेलीमेडिसिन सेंटर के व्हाट्सएप नंबर पर सरकार की ओर से दी जा रही 1000 रुपये की आर्थिक सहायता और राशन कार्ड बनवाने के संबंध में भी फोटो, दस्तावेज अपलोड करने का सिलसिला जारी है।  

चिकित्सकीय परामर्श देने के लिए सेंटर में मौजूद वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विष्णु कुमार टंडन ने बताया कि लॉकडाउन का दूसरा चरण शुरू होने के बाद से काउंसलिंग से जुड़ीं कॉल्स की संख्या बढ़ी हैं। महिलाओं पर काम का अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
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भारत में कोरोना वायरस - फोटो : PTI
साथ ही आर्थिक अनिश्चितता के कारण भी लोगों में मानसिक उलझनें बढ़ी हैं। ऐसे लोगों की काउंसलिंग और जरूरत पड़ने पर दवाएं लेने की सलाह भी दी जा रही है। एक-दो दिन बाद ऐसे मरीजों को फोन कर डॉक्टर खुद उनकी हालत की जानकारी लेते हैं।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी व सेंटर के प्रभारी डॉक्टर अमित सिंह ने बताया कि प्रतिदिन आने वालीं कॉल में 80 फीसदी बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश जैसी समस्याओं से संबंधित होती हैं। टेलीमेडिसिन सेंटर के 8429525801 नंबर पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच परामर्श  ले सकते  हैं । 

केस एक:  हेलो, डॉक्टर साहब, मैं पनकी से बोल रहा हूं। मेरे कुत्ते को बहुत खांसी आ रही है। घर वालों को आशंका सता रही है कि कहीं इसे कोरोना तो नहीं। इसके लिए कौन सी दवा ठीक रहेगी। इस पर टेलीमेडिसिन सेंटर के डॉक्टर ने कुत्ते को किसी पशु चिकित्सक को दिखाने के लिए कहा। लेकिन फोन करने वाला कोई दवाई बताने की जिद करता रहा। काफी मुश्किल से उसे समझाया जा सका।  
केस दो: डॉक्टर साहब मैं लालबंगला से बोल रही हूं। लॉकडाउन के कारण पति अब सारा दिन घर पर रहते हैं। थोड़ी-थोड़ी देर में किसी न किसी चीज की फरमाइश करते रहते हैं। कारोबार ठप होने की उलझन में छोटी-छोटी बातों पर झगड़ने लगते हैं। रोज-रोज के विवादों के कारण मानसिक रूप से काफी उलझन रहती है। हमेशा कुछ गलत करने के विचार आते रहते हैं।  

 
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