प्रो. अग्रवाल ने बताया कि सीरो सर्वे के मुताबिक उत्तर प्रदेश समेत उत्तर राज्यों में प्रतिरोधक क्षमता का स्तर 65 फीसदी से अधिक मिला है। इससे यहां कोरोना संक्रमण घट रहा है।
कानपुर आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने दावा किया है कि अमेरिका में लग रही वैक्सीन कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से लड़ने में बहुत प्रभावी नहीं है। इस वजह से वहां कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए अब वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा रही है।
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देश में लग रही कोवाक्सिन और कोविशील्ड दोनों ही डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ पूरी तरह प्रभावी हैं। गणितीय मॉडल सूत्र के आधार पर प्रो. अग्रवाल ने सीरो सर्वे रिपोर्ट पर नया अध्ययन जारी किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि केरल में बढ़ रहे मरीजों की संख्या कोरोना की दूसरी लहर का विस्तार है।
प्रो. अग्रवाल ने बताया कि सीरो सर्वे के मुताबिक उत्तर प्रदेश समेत उत्तर राज्यों में प्रतिरोधक क्षमता का स्तर 65 फीसदी से अधिक मिला है। इससे यहां कोरोना संक्रमण घट रहा है। वैक्सीन काफी प्रभावी साबित हो रही है। इससे वर्ष 2022 में राहत मिलने के आसार हैं।
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संक्रमण होगा पर अस्पताल जाने की स्थिति नहीं
प्रो. अग्रवाल के मुताबिक कोरोना वैक्सीन न लगवाने वालों पर हमेशा संक्रमण का खतरा बना रहेगा। मगर जिन्होंने वैक्सीन लगवाई है, वे संक्रमित भी हुए तो अस्पताल जाने की नौबत नहीं आएगी।