कानपुर में गुरुवार से 45 साल से अधिक उम्र वाले सभी पुरुष और महिलाओं को कोरोना रोधी टीका लगेगा। गर्भवती महिलाओं को टीका नहीं लगाया जाएगा। वे प्रसव के बाद ही टीका लगवा सकेंगी। इस आयु वर्ग में आने वाले सभी पुरुष वैक्सीन लगवा सकते हैं। इसके लिए अब कोमॉर्बिड होना जरूरी नहीं है।
रजिस्ट्रेशन के दो तरीके हैं। एक तो कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन करवा लें या फिर सीधे सेंटर चले जाएं। हैलट, सभी सरकारी अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी, वेलनेस सेंटर, हेल्थ सेंटर को टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। लाभार्थी अपनी सहूलियत के हिसाब से केंद्रों पर जाकर टीका लगवा सकते हैं।
गुरुवार को 15 हजार 600 लाभार्थियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। सीएमओ डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि 103 कोरोना टीकाकरण केंद्रों के लिए 120 टीम लगाई गई हैं। मंगलवार, बुधवार और शनिवार को भी टीका लगेगा, लेकिन हर दिन लक्ष्य अधिकतम पांच हजार रहेगा।
अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा ने बताया कि एक सप्ताह में 63 हजार लाभार्थियों के टीकाकरण का लक्ष्य रहेगा। इसके बाद विभागवार स्टाफ का टीकाकरण किया जाएगा। कोविन एप के संबंध में उन्होंने बताया कि इससे 45 साल से अधिक आयु वर्ग में कोमॉर्बिड वाला बिंदु हटा दिया जाएगा।
पंजीकरण के हैं दो विकल्प
- पंजीकरण कराने के लिए अपने साथ आधार कार्ड ले जाएं। इसमें नाम, पता, उम्र और पहचान दुरुस्त होनी चाहिए। इसके अलावा ड्राइ विंग लाइसेंस, पैन कार्ड भी ले जा सकते हैं, जिससे उम्र का पता चल सके। पहचान सुनिश्चित होने वाला अभिलेख दिखाने के बाद पंजीयन हो जाएगा।
- कोविन एप में रजिस्ट्रेशन करने के लिए एप डाउनलोड करें। इसके बाद अपने राज्य, फिर जिला और नगर में जाएं। अपने पसंदीदा या नजदीकी टीकाकरण सेंटर का भी विकल्प दे सकते हैं। फोन नंबर दर्ज कराएं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन हो जाएगा और वैक्सीनेशन सेंटर भी बता दिया जाएगा।
वैक्सीन की कमी, निजी अस्पतालों के केंद्रों पर टीकाकरण नहीं
वैक्सीन की कमी के चलते निजी अस्पतालों में बनाए गए केंद्रों पर टीका नहीं लगाया जाएगा। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि सरकारी केंद्रों पर ही टीका लगेगा। इसके लिए वैक्सीन की पर्याप्त डोज उपलब्ध हो गई हैं। बताया कि यह स्थिति एक सप्ताह तक रह सकती है। वैक्सीन और मिल गई तो निजी अस्पतालों में भी टीकाकरण की अनुमति दे दी जाएगी। साथ ही निजी क्षेत्र के करीब 30 अस्पतालों को सेंटर बनाने के लिए चिह्नित किया जा रहा है। संसाधन की जांच कराकर उन्हें नियमित टीकाकरण कराने की अनुमति दे दी जाएगी। एक सप्ताह तक सरकारी सेंटरों पर ही टीकाकरण होगा।