कानपुर के कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम कारोबार को कोरोना पी गया है। लोगों के इन उत्पादों से दूरी बनाए जाने से करीब 70 करोड़ का कारोबार अब तक प्रभावित हो चुका है। आगे भी इसमें तेजी की संभावना नहीं है। जबकि मार्च से लेकर मई तक सबसे बंपर डिमांड होती रही है। इन महीनों में ही कंपनियों, डिस्ट्रीब्यूटरों के टारगेट भी पूरे हो जाते थे।
कंपनियां सामान्य दिनों में वेटिंग देती थी। अब इनकी बिक्री आधी से भी कम रह गई है। सहालग को लेकर असमंजस की स्थिति के चलते भी कारोबार प्रभावित है। कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम की सबसे ज्यादा डिमांड स्वरूपनगर, आर्यनगर, मालरोड, सिविल लाइंस, तलाक महल में सबसे अधिक होती थी।
लेकिन अब कारोबार बेहद सीमित हो गया है। शहर में अलग-अलग कोल्ड ड्रिंक कंपनियों के 22 डिस्ट्रीब्यूटर हैं। जो कानपुर रीजन में इनकी सप्लाई करते हैं। प्रतिदिन शहर में 500 से एक हजार कैरेट कोल्ड ड्रिंक की खपत होती रही है। एक कैरेट में 24 लीटर कोल्डड्रिंक आती है।
सालाना करीब 100 करोड़ का कारोबार होता है। इसी तरह शहर में पांच बड़े ब्रांड की आइसक्रीम बिकती है। जिनकी हिस्सेदारी करीब 90 फीसदी है। इसके अलावा 10 से 15 लोकल ब्रांड हैं। आइसक्रीम का सालाना कारोबार 50 करोड़ का है।
कानपुर होटल, गेस्ट हाउस, स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखबीर सिंह मलिक और महामंत्री राजकुमार भगतानी ने बताया कि अमूमन कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम साल भर बिकती है लेकिन गर्मियां शुरू होने के साथ ही इनकी बंपर डिमांड होती थी। कोरोना के चलते एहतियातन लोगों ने इनसे दूरी बना ली है। खपत आधी से भी कम हो गई है। करीब 70-80 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो चुका है।