गांवों में कोरोना की लहर तेज हो सकती है। गांवों में जो सर्वे किया जा रहा है, उसमें लोग कोरोना संदिग्ध मिल रहे हैं। इनकी जांच होती है तो पॉजिटिव निकलते हैं।
पंचायत चुनाव के दौरान अगर लोगों ने मास्क का इस्तेमाल नहीं किया और सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी की तो गांवों में भी कोरोना की लहर तेज हो सकती है। गांवों में जो सर्वे किया जा रहा है, उसमें लोग कोरोना संदिग्ध मिल रहे हैं। इनकी जांच होती है तो पॉजिटिव निकलते हैं।
विज्ञापन
बहुत से लोग कोरोना संक्रमण के कैरियर (वाहक) भी हो सकते हैं। इसके अलावा बहुत से लोग शहर से अपने गांव वोट डालने गए हैं। सारे लोगों ने जांच नहीं कराई। इनमें कोई संक्रमित हुआ तो वह गांव में संक्रमण फैला देगा। स्वास्थ्य विभाग के विशेष सर्विलांस अभियान के तहत ग्रामीण इलाकों के घरों का सर्वे किया जा रहा है।
प्रतिदिन ढाई सौ से चार सौ लोग संदिग्ध मिल रहे हैं। जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पंचायत चुनाव के 12 लाख 53 हजार 56 मतदाताओं में अगर आधे भी वोट के लिए निकले और उन्होंने मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी की तो संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा ने बताया कि लगातार मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन पर जोर दिया जा रहा है।