कानपुर में कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर स्वेदशी कोरोना वैक्सीन कोवाक्सिन के बच्चों में ट्रायल की उम्मीद पैदा हो गई है। हो सकता है कि इसी सप्ताह इस संबंध में मंजूरी मिल जाए। वैक्सीन के ट्रायल का प्रस्ताव भेजा गया है।
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आईसीएमआर को इस संबंध में हरी झंडी दिखानी है। इसके पहले शहर के प्रखर अस्पताल में कोवाक्सिन का ट्रायल हुआ था, जिसमें 18 साल से अधिक आयु के लोगों को शामिल किया गया था। उम्मीद है कि बच्चों की कोरोना वैक्सीन के ट्रायल में शहर अहम भूमिका निभाएगा।
पूर्व डीजीएमई और कोवाक्सिन ट्रायल के सह अनुसंधानकर्ता प्रोफेसर वीएन त्रिपाठी ने बताया कि उम्मीद है कि बहुत जल्द स्वीकृति मिल जाए। उन्होंने बताया कि बच्चों के ट्रायल में दो साल से 17 साल 11 महीने 29 दिन उम्र के किशोरों का शामिल किया जाएगा। फेज एक और फेज टू में सौ वॉलिंटियर हो सकते हैं। इसके बाद तीसरे फेज में वॉलिंटियर की संख्या बढ़ जाएगी।