सेंट्रल यूपी और बुंदेलखंड के जिलों में कोरोना वैक्सीनेशन के शुभारंभ चरण में कहीं भी शत प्रतिशत टीकाकरण नहीं हो पाया है। कानपुर कोरोना वैक्सीनेशन के शुभारंभ चरण में जीएसवीएम मेडिकल कॉॅलेज के हैलट अस्पताल का वार्ड तीन स्थित टीकाकरण बूथ फिसड्डी रहा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसौल टॉप पर रहा है।
शुभारंभ चरण का लक्ष्य छह सौ लाभार्थियों का रहा जिनमें 439 का टीकाकरण हो पाया। स्वास्थ्य विभाग के जिन फ्रंट लाइन वर्कर का नाम सूची में रहा, वे नहीं आए। जाड़े की वजह से कई बूथों पर लाभार्थी थोड़ा देर से आए। शुभारंभ चरण में छह स्थानों पर वैक्सीनेशन होना था। इनमें प्रत्येक को अधिकतम सौ लाभार्थियों का लक्ष्य दिया गया था।
सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि सीएचसी सरसौल पर अधिकतम 92 प्रतिशत वैक्सीनेशन हुआ। कांशीराम अस्पताल में 87 प्रतिशत, बिधनू में 78 प्रतिशत, उर्सला में 75 प्रतिशत और डफरिन में 67 प्रतिशत वैक्सीनेशन हुआ है। सबसे कम 40 प्रतिशत वैक्सीनेशन हैलट में हुआ है। सीएमओ ने बताया कि शुभारंभ चरण में 73.2 प्रतिशत वैक्सीनेशन हुआ है।
मेडिकल कालेज के हैलट में वैक्सीनेशन कम होने से प्रतिशत घट गया। हरदोई जिले में तीन सौ में से 271, फर्रुखाबाद में तीन सौ में से 152, कन्नौज में 500 में से 372, फतेहपुर में 400 में से 244, उन्नाव में पांच सौ में से 348, इटावा में 300 में से 151, औरैया में तीन सौ में से 250 और कानपुर देहात में तीन में से 250 स्वास्थ्यकर्मियों को ही टीका लगाया जा सका। उधर, बुंदेलखंड के बांदा में 400 में 263, महोबा 300 में 214, हमीरपुर 300 में 224 एवं जालौन में 400 में से 259 को ही टीके लगाए गए हैं।