कानपुर। कोरोना निगेटिव होने के 14 दिन के बाद ही लोग प्लाज्मा दान कर सकते हैं। रोगियों की जान बचाने के लिए कोरोना विजेताओं ने अपने कदम बढ़ाए हैं। रविवार को कई रोगियों ने अपना नाम ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. लुबना खान के पास दर्ज कराया है। इसके अलावा कई लोग ऐसे उत्साही प्लाज्मा देने के लिए पहुंचे जिन्हें कोरोना नहीं हुआ था, उनसे ब्लड डोनेशन करा लिया गया। अब जिन रोगियों को प्लाज्मा थेरेपी दी गई है, उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है।
अमर उजाला पहल के तहत इस मुहिम में समाज सेवी संगठनों के साथ प्लाज्मा डोनर भी जुड़ गए हैं। जो कोरोना विजेता प्लाज्मा डोनेट कर चुके हैं, वे अब दूसरे कोरोना विजेताओं से संपर्क साध कर उनको प्लाज्मा डोनेट करने के लिए प्रेरित कर चुके हैं। कई कोरोना विजेता सीधे ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग प्रभारी डॉ. लुबना खान से संपर्क करके अपना नाम दर्ज करवा रहे हैं। प्लाज्मा डोनेशन को लेकर फैली भ्रांतियों को भी दूर किया जा रहा है। प्लाज्मा डोनर खुद बता रहे हैं कि प्लाज्मा देने से किसी तरह की कमजोरी नहीं आती है। यूनिवर्सल प्लाज्मा डोनर एबी ग्रुप वालों की अलग से सूची तैयार की जा रही है। उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि का कहना है कि मॉडरेट स्थिति में अगर रोगी को प्लाज्मा थेरेपी दे दी जाए तो उन्हें गंभीर स्थिति में जाने से बचाया जा सकता है।