कानपुर। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने शुक्रवार को हैलट इमरजेंसी और कोविड अस्पतालों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कोशिश है कि कोरोना नियंत्रित हो जाए। बारिश में कोरोना के लंबा खिंचने की आशंका को देखते हुए व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। प्रदेश में 76-77 हजार बेड की व्यवस्था की गई है। कोरोना के चक्कर में नॉन कोविड रोगियों की मौत पर मंत्री ने अफसोस जताया। कहा कि मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों की इमरजेंसी में सभी मर्जों के रोगियों के इलाज की व्यवस्था कर दी गई है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना सुबह 9:30 बजे हैलट इमरजेंसी पहुंचे। मंत्री ने पीपीई किट पहनकर इमरजेंसी और कोविड अस्पतालों का जायजा लिया। इमरजेंसी में रसूलाबाद के काली शंकर समेत छह रोगियों से व्यवस्था की जानकारी ली। कहा कि इमरजेंसी के होल्डिंग एरिया में कैंसर समेत सभी बीमारियों का इलाज मिलेगा। डॉक्टरों से डायलिसिस के संबंध में पूछा। सीबी नॉट मशीन से जांच के संबंध में जानकारी ली।
इमरजेंसी के बाहर पत्रकारों से कहा कि लोगों के मन से कोरोना का भय निकालना है। बारिश में नमी से वायरस घट भी सकता है और बढ़ भी सकता है। हम अपनी व्यवस्था से संतुष्ट हैं। अब नॉन कोविड रोगियों पर फोकस किया जा रहा है। इसके लिए मेडिकल कॉलेजों के अस्पताल का निरीक्षण कर रहा हूं। यहां से झांसी जाऊंगा। इस मौके पर मंडलायुक्त डॉ. सुधीर एम बोबडे, डीएम डॉ. ब्रह्मदेेव राम तिवारी, प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी, उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि आदि मौजूद रहीं।