केंद्र और प्रदेश सरकार एक ओर जहां पॉजिटिव मरीजों को उचित इलाज व उनके बेहतर खान पान का दावा कर रही है। वहीं मेडिकल कालेज में भर्ती सिपाही ने प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि उसे न तो समय पर दवा दी जा रही है और न खाना। सिपाही ने अपना वीडियो वायरल करते हुए कहा कि जब एक पुलिस कर्मी के साथ कोरोना वार्ड में ऐसा बर्ताब हो रहा है तो आम आदमी जो कि इलाज की उम्मीद से यहां पड़ा, उसका क्या हाल होता होगा।
सिपाही का वीडियो वायरल होते ही जिला प्रशासन और मेडिकल कालेज प्रबंधन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में कालेज के प्राचार्य ने सफाई दी कि मरीजों के लिए सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त है, सिपाही को यदि कोई दिक्कत थी तो उसे एक बार शिकायत करनी चाहिए थी। बता दें कि बीते शनिवार 18 लोगों की कोरोना जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिसमें आगरा से लौटा एक सिपाही भी शामिल था।
सभी पॉजिटिव मरीजों को मेडिकल कालेज में बने कोविड-19 वार्ड में इलाज के लिए रखा गया था। सोमवार की शाम आगरा से लौटे उक्त सिपाही का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने बताया कि उसे न तो समय से दवा ही दी जा रही है और न खाना। सुबह की चाय भी दो चार बिस्कुट के साथ सुबह 11 बजे के आसपास दी जा रही है और खाना दोपहर तीन बजे के बाद ही मिल रहा है।
सिपाही के मुताबिक उसने कई बार गर्म पानी की मांग भी की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सोमवार को काफी देर बाद एक बोतल साधारण पानी ही उसे दिया गया और कर्मियों ने कहा कि पास में ही पानी का कंटेनर रखा है, जरुरत पड़े तो उससे ही ले लेना। सिपाही ने वीडियो में यह भी कहा कि जब एक पुलिस कर्मी जो कि रात दिन कोरोना से लोगों को बचाने के लिए सड़क पर ड्यूटी दे रहा है, उसके साथ ऐसा बर्ताव हो रहा है तो साधारण मरीज की क्या सुनवाई होती होगी।
सिपाही ने वायरल वीडियो पर देर शाम सफाई देते हुए मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ दिव्जेंद्र नाथ के मुताबिक सिपाही के वायरल वीडियो में प्रबंधन पर जो भी आरोप लगाए गए हैं, गलत हैं। मरीजों को समय पर दवाई, खाना और जूस भी दिया जा रहा है। रही बात पानी की तो मरीज को प्रथम बार में एक बोतल दी जाती है, जिसका प्रयोग वह वाटर कंटेनर के रुप में करता है।
इसके अलावा वार्ड में सैनेटाइजिंग, साबुन, शैंपू, तेल, पाउच आदि की भी पूरी व्यवस्था है। यहां तक कि निर्धारित डाइट के अलावा भी यदि मरीज अतिरिक्त भोजन की मांग करता है तो वह भी पूरी की जाती है। प्रिंसिपल का कहना है कि वायरल वीडियो का मामला उनकी जानकारी में जिसका जांच भी कराई जाएगी। यदि सिपाही को कोई दिक्कत थी वह किसी डॉक्टर या अधिकारी से भी शिकायत कर सकता था। फिलहाल वे स्वयं सिपाही से मिलकर पूरी सच्चाई जानने का प्रयास करेंगे।