उन्नाव। कोविड मरीजों का अब निजी अस्पतालों में भी इलाज हो सकेगा। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जिले के तीन अस्पतालों का प्रस्ताव भेजा है। वहां से अनुमति मिलने के बाद मरीज निजी अस्पतालों में भी इलाज करा सकेंगे। इसके लिए सरकार की ओर से एक खर्च करने का रेट निर्धारित होगा। जिसे मरीजों को खुद वहन करना होगा। उससे अधिक का बिल अस्पताल प्रबंधन के बनाने पर कार्रवाई होगी।
जिले में कोविड के सामान्य मरीजों के लिए कोविड एलवन के तीन व गंभीर मरीजों के लिए कोविड एलटू का एक अस्पताल संचालित है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर बिना लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेट किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को अब लखनऊ रेफर न करना पड़े इसके लिए अब जिले से प्राइवेट अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाने का प्रस्ताव शासन से मांगा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्लागंज के इंद्रप्रस्थ हॉस्पिटल, बालाजी हॉस्पिटल व शहर के कब्बाखेड़ा स्थित उन्नाव मेडिकल सेंटर का नाम भेजा गया है। इन अस्पतालाें में 50 बेड की व्यवस्था के साथ वेंटीलेटर व अन्य व्यवस्थाएं हैं। यदि इन अस्पतालों के लिए शासन अनुमति दे देता है तो कोविड एलटू के अस्पतालों की संख्या बढ़ जाएगी और मरीजों को रेफर भी नहीं करना पड़ेगा। इन अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों का प्राइवेट वार्ड ऑपरेशन थियेटर और वेंटीलेटर का रेट तय होगा।
सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि इन तीन अस्पतालों का ही प्रस्ताव भेजा गया है। इनमें कोविड अस्पताल संचालन की अनुमति मिल जाती है तो मरीजों को अधिक परेशानी नहीं होगी। इलाज के लिए शासन से एक रेट निर्धारित होगा। इससे अधिक अस्पताल प्रबंधन नहीं ले सकेगा।