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कोरोना का कहर: हैलट में ऑक्सीजन का संकट, टैंकर हो गया लेट, काॅलेज प्रबंधन के हाथ-पैर फूले

Tue, 20 Apr 2021 02:51 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कोरोना से मचा कोहराम - फोटो : amar ujala
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कानपुर हैलट के न्यूरो साइंसेस थ्री लेवल कोविड अस्पताल और मेटरनिटी कोविड अस्पताल में आक्सीजन का संकट गहरा गया है। लिंडे प्लांट की ऑक्सीजन किसी भी वक्त खत्म हो सकती है और देहरादून से आने वाला टैंकर लेट हो गया है। सिलिंडर का बैकअप पहले से ही खत्म है।
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भयावह स्थिति की आशंका से जीएसवीएम मेडिकल कालेज प्रबंधन ने मरीजों को बचा पाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह ने शासन, प्रशासन को पत्र लिखकर हर हाल में आक्सीजन  उपलब्ध कराने के लिए कहा है। हैलट में लिंडे कंपनी का टैंकर हर रोज देहरादून से यहां आता है।

एक टैंकर में करीब हजार 10-15 हजार लीटर लिक्विड ऑक्सीजन होती है। हैलट के कोविड अस्पतालों मेें इस वक्त खपत चार गुना से अधिक हो गई है। लगभग सभी कोविड रोगी ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। ऑक्सीजन सेच्युरेशन कम होने से इन पर अधिक ऑक्सीजन खर्च हो रही है।
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ऐसी स्थिति में टैंकर के आने की स्थिति गड़बड़ हो गई है। आखिरी टैंकर रविवार रात नौ बजे आया था। सोमवार को तड़के देहरादून से टैंकर चलना था, लेकिन दोपहर तक टैंकर नहीं निकल पाया। इससे कालेज प्रबंधन के हाथ-पैर फूल गए हैं। सिलिंडर बैकअप की स्थिति शून्य है। लिंडे प्लांट की ऑक्सीजन खत्म होने पर सिलिंडर से मदद मिल पाना मुश्किल है।

ऐसे में रोगियों की जान पर आ सकती है। हालात को देखते हुए कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह ने कमिशनर, डीएम, सीएमओ के साथ महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को पत्र लिखा है और फौरन ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के अनुरोध किया है। इसके साथ ही सीएचसी, पीएचसी में उपलब्ध सिलिंडर भी हैलट के लिए मांगे गए हैं जिससे स्थिति न बिगड़ने पाए। 

चार गुना खपत बढ़ी, बैक के लिए टैंकर मांगा
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन की खपत चार गुना बढ़ गई है, इसलिए 40 हजार लीटर ऑक्सीजन की उपलब्धता हर रोज चाहिए। शासन, प्रशासन से मांग की गई है कि हैलट में बैकअप के रूप में लिक्विड ऑक्सीजन का एक टैंकर हर वक्त उपलब्ध रखा जाए। एक टैंकर में 10 से 15 हजार लीटर लिक्विड आक्सीजन होती है।

65 सिलिंडर उपलब्ध हुए
हैलट में सिलिंडर की स्थिति में खराब है। सोमवार को दिन में 65 सिलिंडर आए हैं। खाली सवा सौ सिलिंडर को भरने के लिए बाहर भेजा जा रहा है। इसके साथ ही कंपनी से तत्काल सौ बड़े और सौ छोटे सिलिंडर मांगे गए हैं। जिलों से आक्सीजन सिलिंडर मांगने के साथ दूसरी कंपनियों से खाली सिलिंडर भरवाए जा रहे हैं।
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