कानपुर में कोरोना का संक्रमण जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और हैलट कैंपस में भी फैल रहा है। हैलट के तीन डॉक्टरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। साथ ही हैलट इमरजेंसी में मरीजों की बीएचटी बनाने वाला एक लिपिक भी संक्रमित मिला है। संक्रमितों को सोमवार को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसके बाद इमरजेंसी और फ्लू ओपीडी सैनिटाइज कराई गई। अब इनकी संक्रमण चेन पता लगाई जा रही है। संक्रमितों में सर्जरी विभाग के 40 साल के असिस्टेंट प्रोफेसर भी शामिल हैं। रिपोर्ट आने के बाद उन्हें मैटरनिटी विंग में भर्ती कराया गया है। उनमें अभी कोरोना के कोई गंभीर लक्षण नहीं उभरे हैं।
इसी तरह फ्लू ओपीडी के दौलतगंज निवासी 26 वर्षीय एक नॉन पीजी जूनियर डॉक्टर में संक्रमण की पुष्टि हुई है। माना जा रहा है कि इन्हें फ्लू ओपीडी में ही किसी मरीज से संक्रमण मिला है। वहीं हैलट इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों की बीएचटी बनाने वाले आरएसपुरम के जिस कर्मी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, वह 22 साल का है।
इनके अलावा इंटर्नशिप पूरी कर नॉन पीजी जेआर के रूप में काम कर रहा 25 वर्षीय डॉक्टर भी संक्रमित मिला है। वह नॉन पीजी जेआर मेडिकल कॉलेज के कैंपस स्थित छात्रावास में रहता है। इसके कमरे को सील कर सैनिटाइज कराया गया। अब यह पता करने की कोशिश हो रही है कि फ्लू ओपीडी के डॉक्टरों को छोड़कर बाकी को संक्रमण कहां से मिला।
बीएचटी बनने वाले कर्मी के संक्रमित होने से इमरजेंसी में हड़कंप है। इस दौरान वह कई स्टाफ से मिला था। उसके संपर्क में आने वालों की भी जांच कराई जाएगी। इसके पहले बालरोग विभाग की नॉन पीजी जेआर की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित आई थी। उसे कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया है।