होम आइसोलेशन वाले कोरोना संक्रमित कोई दिक्कत होने पर किसी भी समय स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर 18001805159 पर संपर्क कर सकते हैं। इन मरीजों को अमर उजाला की तरफ से कोविड किट उपलब्ध कराई जाएगी। डॉक्टर, दवा विक्रेता, उद्यमी व समाजसेवी संस्था इस अभियान से जुड़कर मरीजों की मदद और अन्य लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए आगे आए हैं।
अमर उजाला ने दो दिन पहले होम आइसोलेशन वाले मरीजों की मदद के उद्देश्य से वेबिनार का आयोजन किया था। इससे जुड़े एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी के डॉक्टरों के साथ ही द फुटकर दवा व्यापार मंडल, परिवर्तन संस्था और उद्यमी आगे आए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञ मरीजों को फोन, वीडियो कॉलिंग से परामर्श देंगे। वहीं, कोविड किट के लिए अमर उजाला के मोबाइल नंबर 9336200355 पर सम्पर्क किया जा सकता है। हेल्पडेस्क बनाने की भी तैयारी है।
नि:शुल्क बंटेगा काढ़ा, मिलेंगी दवाएं
कानपुर। अमर उजाला के अभियान से लोगों के जुड़ने का सिलसिला जारी है। इस अभियान से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर 9936200355 पर संपर्क किया जा सकता है। द फुटकर दवा व्यापार मंडल के चेयरमैन संजय मेहरोत्रा ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर, सीपैप मशीन आदि उपलब्धता के आधार पर निशुल्क देंगे।
पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर आदि भी मुहैया कराई जाएगी। आरोग्यधाम ग्वालटोली के डॉ. हेमंत संक्रमण से बचाव के लिए नि:शुल्क सलाह और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशुल्क दवाएं दे रहे हैं। वहीं, आर्य नगर स्थित रमेश मल तेजूमल प्रोविजन स्टोर के रमेश कोटवानी, सुमित मखीजा, अमित नागरथ, मकड़ी खेड़ा निवासी व्यवसायी सुधा सहित कई लोग आयुर्वेदिक काढ़ा वितरित कराने के लिए आगे आए हैं। आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग के पूर्व क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. निरंकार गोयल ने काढ़ा के पाउच बनवाकर या काढ़े को विधिवत तैयार कराकर चाय के रूप में निर्धारित स्थानों पर वितरित कराने का सुझाव दिया है।
होम आइसोलेट होने वाले रोगी की पात्रता
- डॉक्टर ने संक्रमित को लक्षण रहित रोगी के रूप में चिन्हित किया हो
- दो शौचालयों के अलावा रोगी के साथ परिजनों को अलग क्वारंटीन की सुविधा हो
- 24 घंटे रोगी की देखभाल करने वाला एक व्यक्ति हो जो अस्पताल से संपर्क बनाए रखे
- रोगी की देखभाल करने वाले को हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन, प्रोफाइलेक्सिस दवा खानी पड़ेगी
- दिन दो बार आरोग्य सेतु एप पर स्थिति अपडेट करनी होगी या कंट्रोल रूम को बताना होगा
- रोगी को अपने पास पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, मास्क, ग्लव्ज आदि रखना होगा
ये दिक्कतें होने पर स्वास्थ्य विभाग को बताना पड़ेगा
- सांस लेने में कठिनाई, शरीर में आक्सीजन की कमी, सीने में लगातार दर्द, भारीपन, मानसिक भ्रम की स्थिति, बोलने में दिक्कत, चेहरे या किसी अंग में कमजोरी, होठों या चेहरे पर नीलापन।
ये रोगी होम आइसोलेट नहीं होंगे
- एचआईवी, अंग प्रत्यारोपण कराने वाले, कैंसर रोगी या ऐसा रोग जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।