कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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रात करीब दो बजे परिजन मरीज को लेकर हैलट पहुंचे तो वहां भी टरकाने की कोशिश की गई। सीएमओ डॉ. अनिल मिश्रा को फोन करने पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरबी कमल से बात की। ढाई बजे जब मरीज का चेकअप शुरू हुआ तो उसकी मौत हो चुकी थी। भोर में 4 बजे सीएमओ ने कोविड प्रोटोकाल के तहत शव को सील कराया। बाद में विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार हुआ।
नर्सिंगहोम को दिया नोटिस
शुक्रवार को मृतक के परिजनों ने डीएम डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी से शिकायत की। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इसमें एसीएमओ डॉ. एसके सिंह और एसीएमओ डॉ. एपी मिश्रा शामिल हैं। इस टीम ने कानपुर सिटी हॉस्पिटल जाकर जांच की।
डॉ. एसके सिंह ने बताया कि मरीज की बीएचटी (भर्ती फाइल) कब्जे में ले ली गई है। उसे नर्सिंगहोम की पहली मंजिल पर भर्ती किया गया था, जिसे सैनिटाइज कराकर बंद करा दिया गया है। साथ ही शुरुआती जांच में गड़बड़ियां मिलने पर नर्सिंगहोम को नोटिस भी दिया गया है। मरीज के परिजन क्वॉरंटीन में हैं, इसलिए उनके बयान नहीं हो पाए हैं।
कानपुर सिटी हॉस्पिटल से भगाए गए मरीज की हैलट ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में नर्सिंहोम की लापरवाही पता चली है। उसने कोविड नियमों का भी पालन नहीं किया। एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। सीआरएल लैब की भी जांच कराई जा रही है कि वह कोरोना जांच या सैंपल कलेक्शन के लिए अधिकृत है या नहीं।
डॉ. अनिल मिश्रा, सीएमओ