कानपुर देहात। जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ कम करने के लिए जिम्मेदार अफसरों ने नई तरकीब ढूंढ निकाली है। कई दिनों से डेढ़ से दो हजार लोगों की हो रही सैंपलिंग सोमवार को घटकर एक हजार पर सिमट गई। पूरे दिन में सिर्फ 39 कोरोना संक्रमित पाए गए। स्वास्थ्य महकमे की कार्यशैली पर अब लोग सवाल उठा रहे हैं।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। संक्रमण की रफ्तार पर रोकथाम के लिए शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी जेपी सिंह ने अधिक से अधिक लोगों की सैंपलिंग करने के निर्देश दिए हैं। संक्रमित व्यक्ति के मिलने पर उसके संपर्क में आए कम से कम 25 लोगों की कांटैक्ट ट्रेसिंग करने के लिए कहा गया।
स्वास्थ्य अफसरों ने रुचि दिखाई तो कस्बे से लेकर गांव-गांव सैकड़ों कोरोना संक्रमित मिलने लगे। पंचायत चुनाव मतगणना के लिए एजेंटों को कोरोना निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य करने पर सैंपलिंग के सारे रिकार्ड ध्वस्त हो गए। एक मई को सबसे अधिक 2859 सैंपल लिए गए। स्वास्थ्य अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते संदिग्धों की सैंपलिंग सुस्त पड़ने लगी है। सोमवार को सिर्फ महज 1014 संदिग्धों के सैंपल लिए गए। शाम को आई रिपोर्ट में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ गिरकर 39 पर आ गया।
एंटीजन किट कम पडने के कारण सोमवार को सैंपल?गिं कम हो सकी है।डिमांड की गई है। आते ही हर रोज 1300 लोगों की कोरोना सैंपलिंग लक्ष्य की पूर्ति की जाएगी।-डॉ महेंद्र जतारया प्रभारी सीएमओ
टारगेट भी नहीं कर पा रहे पूरा
कानपुर देहात। स्वास्थ्य अधिकारियों को जिले में हर रोज 1300 लोगों के सैंपल लेकर कोरोना जांच कराने का लक्ष्य दिया गया हैए लेकिन सोमवार को टारगेट औंधे मुंह नजर आया। प्रभारी सीएमओ का कहना है कि पंचायत चुनाव में जांच के लिए किटों का अधिक इस्तेमाल किया गया। जिससे किट कम पड़ गई हैं।