यूपी का एक एक गांव इन दिनों खासा चर्चा में है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस गांव के बुजुर्गोंं से पुलिस को डर लगता है। यह खबर बड़ी तेजी से फैल गई है।
इसी चलते बांदा के गांव 'बड़ोखर बुजुर्ग' में विधानसभा चुनाव सकुशल संपन्न कराने में जुटी पुलिस ने गिरवां थाना क्षेत्र के 1,259 लोगों को पाबंद किया है। पुलिस को 80 साल के बुजुर्गों और मर चुके लोगों से भी मतदान में गड़बड़ी फैलाने की आशंका है। बांदा के इस गांव के क्षेत्र में दो विधानसभा क्षेत्रों का दायरा है। नरैनी के 11 और सदर विधानसभा क्षेत्र में 53 मतदान केंद्र हैं।
थानाध्यक्ष केपी दुबे ने बताया कि 1259 पाबंद किए गए लोगों में गिरवां में 72 व बड़ोखर बुजुर्ग के सबसे ज्यादा 58 लोग शामिल हैं। निवादा मलहरा के 25, माधौपुर में 15, पैगंबरपुर में 28, मनीपुर में 21, तेरा में 12, पतौरा में 14, सरस्वाह में 48, अजीतपुर में 25, शेरपुर में 27 लोगों को पाबंद किया गया है। इनके खिलाफ 151 में चालान किया गया है।
निवादा में कई बुजुर्ग जो खाट में हैं और उनका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं, पुलिस को उनसे भी खतरा है। यहां कमतू पुत्र राघव को भी पाबंद किया गया है। जबकि इसकी मौत छह माह पहले हो चुकी है। बड़ोखर बुजुर्ग में शिवनरेश 79 साल के हैं और गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। बिस्तर में ही उनका खाना-पीना चल रहा है। फिर भी पुलिस को चुनाव में उनसे खतरा है।
थाना क्षेत्र की 6 ग्राम पंचायतों के हिस्ट्रीशीटरों को जिला बदर भेजा है। इनमें बनसखा के बरातीलाल, सौंता स्योढ़ा से दो लोग, प्रेमपुर से छोटेलाल, निवादा से क्रांति कुमार (110 जी का अपराधी), मसुरी में कामता मिश्रा (दो लाख में पाबंद), मकरी से 8 व्यक्ति जिला बदर किए गए हैं। वहीं पाबंद किए लोगों में कई पार्टी नेता भी शामिल हैं। थानाध्यक्ष के मुताबिक संवेदी बूथों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।