अमरौधा कसबे के साधन सहकारी समिति कमलपुर में बीते नौ साल से ताला लटका है। समिति पर ताला लटकने से किसान बीज खाद के लिए इधर उधर भटकने के लिए मजबूर हैं। सदस्य किसान साहूकारों से कर्ज लेकर खाद, बीज की जरूरत पूरी कर रहे हैं। समिति से लाभ न मिल पाने से परेशान किसानों ने शनिवार को धरना-प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया है। किसान बोले, समिति से खाद बीज नहीं मिलने से परेशान हो चुके है।
इन खेतों में किसानों के लिए खाद की जरूरत सबसे ज्यादा है। इसके लिए किसानों ने सहकारी समिति में अपने को सदस्य भी बनाया है।
किसानों को नजदीक ही खाद, बीज और फसली ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने के मकसद से न्यायपंचायत स्तर पर साधन सहकारी समितियां संचालित की गई हैं। बाकायदा शेयर जमा कराकर किसानों को सुविधाएं देने के लिए सदस्य बनाया जाता है।
कमलपुर की समिति से कथरी, सट्टी, नबीपुर, दूंदेपुर, दिबैर, स्वरूपपुर, किशुनपुर, जरी, खरका, खरतला, डड़ी, रामपुर गांवों को संबद्ध किया गया है। लेकिन अव्यवस्था और लापरवाही का आलम यह है कि बीते नौ साल से कमलपुर की सहकारी समिति में ताला लटक रहा है।
किसानों ने बताया कि नौ साल पहले समिति के सचिव रामचंद्र यादव को गवन के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। दूसरे सचिव की तैनाती न होने पर अभी तक समिति में ताला लटका है। नतीजन सदस्यों को खाद, बीज के लिए साहूकारों से कर्ज लेना पड़ रहा है।
किसान दुर्गाप्रसाद, गोरेलाल, लालसिंह, अवधबिहारी, अशर्फीलाल, रामाधार, संतोषकुमार ने कहा है कि एक पखवारे में समिति से खाद, बीज उपलब्ध न कराये गए तो शेयर वापस कराने के लिए धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इस बावत समिति के अध्यक्ष मोहम्मद रजी ने बताया कि सचिव की तैनाती के लिए पहल की गई है। जल्द ही खाद, बीज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।