प्रेसवार्ता करते डीन प्रो. नीरज मिश्रा, निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना, डॉ. आरसी भार्गव (बाएं से)।
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कानपुर। आईआईटी का 49वां दीक्षांत समारोह सोमवार को होगा। इसमें पीएचडी, एमटेक, एमबीए, एमडैस, एमएससी, एमएस और वीएलएफएम के 1247 स्टूडेंटों को डिग्री दी जाएगी। भारत रत्न से सम्मानित प्रो. सीएनआर राव को मानद उपाधि भी दी जाएगी। इसी सिलसिले में प्रो. राव रविवार को आईआईटी कानपुर आए। आउटरिच में उनका लेक्चर हुआ। सोमवार को ग्लोबल इंडिया पर पीके केलकर सीरीज का लेक्चर भी देंगे।
आईआईटी के स्नातक (बीटेक और बीएस) और परास्नातक का दीक्षांत समारोह 27, 28 जून को कराया जाएगा। पहले दिन परास्नातक का समारोह होगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी सिलसिले में रविवार को बोर्ड ऑफ गवर्नर (बीओजी) की मीटिंग हुई। चेयरमैन डॉ. आरसी भार्गव और निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना की अगुवाई वाली बीओजी में कहा गया कि पहली बार आईआईटी के 151 पीएचडी स्कॉलर को डिग्री दी जाएगी। इससे पहले अधिकतम 105 डिग्री दी गई हैं। आईआईटी ने स्नातक की पढ़ाई की धारणा बदली है अब परास्नातक कक्षा की पढ़ाई पर फोकस है। इसी का नतीजा है कि परास्नातक के 1042 लड़के और 205 लड़कियां शामिल हैं। एमटेक के 64, एमबीए के 34, एमडैस के 37, एमएससी दो वर्षीय के 125, एमएससी पांच वर्षीय के 21, एमएस के 76 और वीएलएफएम के 39 स्टूडेंटोें को डिग्री दी जाएगी। दीक्षांत समारोह सुबह 9:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा।
पीजी कोर्स के दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि यूनिवर्सिटी ऑफ बफलो के प्रेसीडेंट डॉ. सतीश कुमार त्रिपाठी होंगे। वह आईआईटी कानपुर कैंपस में पहुंच गए हैं। आईआईटी कानपुर और यूनिवर्सिटी ऑफ बफलो के बीच साइबर सिक्योरिटी और अर्थक्वेक इंजीनियरिंग सहित तमाम बिंदुओं पर समझौता हो सकता है।