कानपुर देहात। रसूलाबाद क्षेत्र के गंगादीन निवादा में नौ साल पहले युवक की हत्या के प्रयास के मामले की सुनवाई एडीजे-पांच की अदालत में चल रही थी। मंगलवार को अदालत ने आरोपी पर दोषसिद्ध करते हुए उसे 10 साल की सजा सुनाई।
शिवली क्षेत्र के कुढ़वा निवासी अनिल त्रिवेदी ने रसूलाबाद थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी पत्नी की मृत्यु हो जाने के बाद उसकी बेटी रिया व पुत्र सौरभ रसूलाबाद क्षेत्र के गंगादीन निवादा निवासी मौसी रन्नो मिश्रा के साथ रहते थे। रन्नो के कोई संतान न होने के वह अपनी जायदाद उसके बच्चों के नाम करना चाहती थी। इसको लेकर ककवन क्षेत्र के गदेवा निवासी उसका साला प्रभुनंदन तिवारी उर्फ लल्ला व ककवन क्षेत्र के गांव कोरिया बावनपुरवा निवासी उसके साढू अशोक मिश्रा के लड़के अरविंद मिश्रा, सोविंद मिश्रा उसके बच्चों से रंजिश मानते थे। 21 दिसंबर 2016 की शाम जब उसके दोनों बच्चे घर पर थे, तभी प्रभुनंदन उर्फ लल्ला, अरविंद मिश्रा व सोविंद मिश्रा आए और बच्चों को गाली गलौज करते हुए भाग जाने को कहा।
वहीं, प्रभुनंदन ने तमंचे से पुत्र सौरभ के गोली मार दी और भाग निकले, सूचना मिलने पर उसने पुत्र को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसका इलाज चला। पुलिस ने मामले में विवेचना करते हुए आरोपियों को जेल भेजने के साथ अलग-अलग आरोपपत्र अदालत में पेश किए थे। आरोपी प्रभुनंदन तिवारी उर्फ लल्ला के मामले की सुनवाई अपर जिला जज पांच की अदालत में चल रही थी। विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषसिद्ध कर उसे 10 साल के की सजा सुनाई। साथ ही छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास काटने के आदेश दिया है।