नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से सोमवार को जारी किया गया ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) मेंस 2019 का रिजल्ट विवादों में घिर गया है। छात्रों और उनके परिजनों ने ईडब्ल्यूएस (गरीब सवर्ण आरक्षण) को सही तरह से लागू न करने का आरोप एनटीए पर लगाया है। कानपुर में छात्र इसको लेकर अब कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
आरोप है कि एनटीए ने जानबूझकर केवल दो दिन का मौका ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत फॉर्म में संशोधन के लिए दिया था। 15 मार्च को आवेदन फॉर्म में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की और 16 मार्च को बंद कर दिया। इसकी कोई जानकारी भी छात्रों को नहीं दी गई, जिससे बड़ी संख्या में छात्र इस कोटे का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं।
छात्रों का कहना है कि ईडब्ल्यूएस कोटे को लागू करने की सूचना नोटिफिकेशन के दौरान ही सभी छात्रों को देनी चाहिए थी। अगर बीच से भी लागू करते हैं तो यह एनटीए की जिम्मेदारी है कि वह आवेदन करने वाले प्रत्येक छात्र को उसके मोबाइल नंबर पर मैसेज और ई-मेल के जरिए इस बदलाव की जानकारी दें। छात्रों और परिजनों का कहना है कि अगर एनटीए रिजल्ट में संशोधन नहीं करता है तो कोर्ट जाएंगे।