कानपुर। शहर के नामी स्कूल में कक्षा छह से ही बच्चों को आईएएस के लिए विशेष प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी ने विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप है कि आईएएस बनाने के नाम पर अभिभावकों से अतिरिक्त फीस वसूली जा रही है। नाराज अभिभावकों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर जांच की मांग की। डीएम ने पूरे प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
मामला कैंट स्थित सेंट मैरीज कॉन्वेंट स्कूल का है। स्कूल ने एक निजी संस्थान के साथ टाईअप किया है। यह संस्था आईएएस की कोचिंंग संचालित करती है। अभिभावकों के मुताबिक ड्रीम टुडे लीड टुमारो...के स्लोगन से संचालित यह संस्था छात्राओं को कक्षा छह से ही आईएएस बनाने के सपने दिखा रही है। छात्राओं को पढ़ाने के साथ प्री-राउंड, मेन राउंड और फिर इंटरव्यू की तैयारी करवाई जाएगी। अभिभावकों का कहना है कि छात्राओं से 3500 से लेकर 20 हजार रुपये तक की फीस चार्ज की जाएगी। स्कूल बार बार कोचिंग संस्थान की ओर से होने वाले वेबिनार में शामिल होने का दबाव बना रहा है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चियों के साथ मिलकर इमोशनल कार्ड प्ले कर रहा है। बच्चों को तरह तरह के प्रलोभन दिए जा रहे हैं। बच्चियां आकर अभिभावकों से कोचिंग कराने का दबाव बना रही हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में हैं। मामले की जांच कराई जाएगी।
-
बोली प्रिंसिपल
अभिभावकों को कुछ गलतफहमी हुई है। छात्राओं के लिए वेबिनार निशुल्क है। अगर कोई छात्रा कोचिंग करना चाहती है तो वह इसे करने के लिए स्वतंत्र है। स्कूल की ओर से कोई दबाव नहीं है। संस्थान का पूरा कोर्स इस तरह से डिजाइन है कि कक्षा छह की छात्राएं भी इसमें शामिल हो सकती हैं। यह पूरा कार्यक्रम छात्राओं के हित के लिए है।
-सिस्टर प्रभा, प्रिंसिपल सेंट मैरीज