कानपुर। पुलिस अब साइबर ठगों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। जल्द ही पुलिस लाइन में साइबर अपराध को रोकने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इसमें पुलिस कमिश्नर की मानीटरिंग में 40-50 साइबर एक्सपर्ट काम करेंगे। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से बैंकों में खुल रहे म्यूल खातों से अवैध लेनदेन के अलावा विदेशों में बैठकर साइबर ठगी करने वालों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी।
बता दें कि साल की शुरुआत से ही साइबर ठगी के कई बड़े-बड़े मामले प्रकाश में आए। इन मामलों में विदेशों से ट्रेनिंग लेकर साइबर ठगी करने वाले अपराधियों के चेहरे भी सामने आए हैं। छह महीने में ही इन साइबर ठगों ने शहर समेत देश भर की बैंकों में 10 हजार से अधिक म्यूल खाते खुलवाकर करीब 4000 करोड़ की धनराशि का अवैध लेनदेन किया है।
मामले की गंभीरता देख शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर ने अपर पुलिस आयुक्त संकल्प शर्मा, डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार के साथ कार्यालय में बैठक की। इसमें तय किया गया कि जल्द ही पुलिस लाइन में आधुनिक सुविधाओं वाला कंट्रोल रूम खोला जाएगा। इसमें साइबर एक्सपर्ट एडीसीपी से लेकर कांस्टेबल तक शामिल किए जाएंगे।
ध्वस्त होगा गांव से लेकर विदेशों तक का नेटवर्क
बीते दिनों में साइबर ठगों का जो नेटवर्क सामने आया। उसने ही कंट्रोल रूम की जरूरत को पुख्ता किया। अप्रैल में घाटमपुर के रेउना गांव से मिनी जामताड़ा पकड़ा गया तो जुलाई में सचेंडी के चार गांवों से बड़ी संख्या में साइबर ठग पकड़े गए। इसके अलावा कुछ मामलों में थाईलैंड और कंबोडिया में बैठकर ठगी की बात सामने आई है। पुलिस के इस कंट्रोल रूम के माध्यम से साइबर ठगों की फोन कॉल ट्रेस की जाएगी ताकि उन तक आसानी से पहुंचा जा सके। साइबर अपराधियों की धरपकड़ के लिए बनने वाले कंट्रोल रूम की गोपनीयता का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
सात माह में 4000 करोड़ से अधिक का अवैध लेनदेन
पुलिस के आंकड़ों पर नजर डाले तो साइबर ठगों ने सिर्फ इस साल के ही इन सात महीनों में 4000 करोड़ का अवैध लेनदेन किया है। इसमें 3200 करोड़ तो सिर्फ महफूज उर्फ पप्पू छुरी गिरोह का ही है। सुल्तान मिर्जा गिरोह के 500 और शिवराजपुर से पकड़े गए गिरोह का 225 करोड़ का अवैध लेनदेन शामिल है। बैठक में तय किया गया कि साइबर ठगों को पकड़ने के लिए चार टीमें बनाई जाएंगी। इसके अलावा एक टीम लोगों को जागरूक करने का काम करेगी।
वर्जन....
साइबर अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। साइबर कंट्रोल रूम के खुलने से पुलिस मास्टर माइंड तक भी पहुंच सकेगी इसलिए ही रूपरेखा तैयार की गई है। जल्द ही इसे अमल में लाया जाएगा।
रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर