रनियां। नगर में हाईवे किनारे बने नाले में बिना उपचार (ट्रीटमेंट) के टैंकरों से लाकर सीवर का दूषित पानी उड़ेला जा रहा है। प्यास लगने पर छुट्टा मवेशी नाले का पानी पीते हैं। इससे मवेशियों में घातक बीमारी का खतरा बना है।
हाईवे के दोनों ओर जल निकासी नाले बने हुए है। बारिश व घरों का पानी इसी नाले से होकर निकलता है। मंगलवार को विसायकपुर स्थित एक फैक्टरी के सामने हाईवे के नाले में बदबूदार सीवर का गंदा पानी उड़ेला जा रहा था। इससे आसपास दुर्गंध फैल गई। हाइवे से गुजरने वाले राहगीरों को नाक ढककर आगे जाना पड़ा। सीवर का पानी नाले के अलावा कच्ची जमीन में भरता है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना है।
एनएचएआई की टीम ने नाला सफाई के दौरान विसायकपुर स्थित एक फैक्टरी के सामने टैंकर से दूषित पानी नाले में उड़ेलने पर आपत्ति जताई। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि इस तरह से बिना उपचार गंदा पानी फैक्टरी क्षेत्र में उड़ेला जा रहा है तो जांचकर कार्यवाही की जाएगी।