निर्माण लागत भी निगम ही वहन करेगा
रेलवे के हिस्से को छोड़कर पुल की सभी लेनों की लंबाई 350-350 मीटर होगी। निर्माण के लिए चौड़ाई में 28 मीटर रेलवे की जमीन ली जाएगी। पुल पर चौराहा भी बनेगा, ताकि वाहन सुगमता से एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकें। सेतु निगम अधिकारियों के अनुसार रेलवे ट्रैक के हिस्से में भी पुल का निर्माण निगम ही कराएगा। इसकी निर्माण लागत भी निगम ही वहन करेगा। इसके लिए रेलवे से सहमति बन गई है।
102 करोड़ से होगी यूटिलिटी शिफ्टिंग
जरीबचौकी रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण की परिधि में आ रहीं पाइपलाइनें, गहरी सीवर लाइनें, विद्युत केबल, गैस पाइप लाइन, संचार केबल शिफ्ट की जाएंगी। पेड़ भी काटे जाएंगे। इस तरह होने वाली यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए संबंधित विभागों ने सेतु निगम को 102 करोड़ रुपये के इस्टीमेट दिए हैं। सर्वाधिक 52 करोड़ रुपये खर्च जल निगम (नगरीय) ने बताया है।
जरीबचौकी रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण का प्रस्ताव व्यय वित्त समिति के पास पहुंच गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही यह अगले वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में शामिल हो जाएगा। इसके बाद निर्माण शुरू होगा। -विजय कुमार सेन, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम
यूटिलिटी शिफ्टिंग के एस्टीमेट
विभाग का नाम लागत (करोड़ रुपये में)
जल निगम (नगरीय) 52
जलकल विभाग 21
केस्को 19
सीयूजीएल 6.5
वन विभाग 1
नगर निगम, केएससीएल 1.77
बीएसएनएल 0.73
योग 102 करोड़
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक निर्माण का रास्ता होगा साफ
जरीबचौकी चौराहे पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण से इसके नीचे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का भी रास्ता साफ हो जाएगा। दरअसल, रेलवे की तरफ से तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का रैंप अनवरगंज स्टेशन के पास से शुरू होगा। जरीबचौकी में इसकी ऊंचाई करीब डेढ़ मीटर होगी। गुमटी नंबर- 5 चौराहे पर ऊंचाई बढ़कर आठ मीटर हो जाएगी, जिसके नीचे से ट्रक भी आसानी से निकल सकेंगे।