पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राकेश यादव ने बताया कि 20 जनवरी तक मोटी गिट्टी बिछाने का कार्य पूरा हो जाएगा। तब इस पर वाहन चल सकेंगे। तापमान में कुछ बढ़ोत्तरी होते ही तारकोल मिक्स जीरा गिट्टी बिछा दी जाएगी।
मशीन की खासियत
यह जर्मनी की कंपनी रिटेन की कंप्यूटराइज्ड मशीन है। इसमें निर्माण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली गिट्टी, तारकोल के मानक दर्ज हैं। मशीन में गिट्टी, सीमेंट, पानी डालते समय इसके कंप्यूटर में लगे मीटर से इनका प्रतिशत पता चलेगा।
सही प्रतिशत में निर्माण सामग्री डालने पर मशीन में ही इसे ठीक से मिलाकर बिछाया जाता है। यदि मशीन में मानक के विपरीत निर्माण सामग्री डाली गई तो इसके बैकअप से खुलासा हो जाएगा। इसमें मैनुअल विधि से कम समय लगता है।