यूपी के हरदोई जिले में पुलिस लाइन में तैनात 2012 बैच के सिपाही ने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर जान दे दी। शनिवार दोपहर उसका शव पुलिस ने कमरे से बरामद किया। मृतक आश्रित कोटे से उसकी नौकरी पुलिस विभाग में लगी थी। सिपाही के जान देने की सूचना से महकमे में हड़कंप मच गया।
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एसपी आलोक प्रियदर्शी समेत कई पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। सिपाही के कमरे से मिले तीनों मोबाइल फोनों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। परिजनों ने भी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाए, वहीं कमरे से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।
मैनपुरी जनपद के भोगांव कस्बा निवासी संदीप यादव (30) पुत्र स्वर्गीय अभयराम यादव पुलिस लाइन में तैनात थे। पिता की हार्टअटैक से मौत के बाद संदीप की नौकरी मृतक आश्रित कोटे से पुलिस विभाग में लगी थी। संदीप के बड़े भाई संजय यादव भी सिपाही के पद पुलिस लाइन में ही तैनात हैं और शहर कोतवाली के सरकारी क्वार्टर में अपने परिवार के साथ रहते हैं।
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संदीप का शव फंदे पर झूलता देख चीख पड़ा
सिपाही संदीप यादव ने की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर 12 बजे के आसपास संजय ने संदीप को कई बार फोन किए, पर फोन न उठने पर खुद ही पुलिस लाइन पहुंच गया। कमरे का दरवाजा खटखटाने पर आवाज न आने पर दरवाजे का धक्का देकर खोला तो सामने संदीप का शव फंदे पर झूलता देख चीख पड़ा। संजय की चीख-पुकार सुन पड़ोस में रहने वाले अशोक भी बाहर निकले और एसपी, सीओ व प्रतिसार निरीक्षक को दी।
क्राइम ब्रांच में तैनाती को लेकर लुटेरा कह दिया था
सिपाही संदीप यादव ने की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस लाइन परिसर में ही उस वक्त एसपी क्राइम मीटिंग ले रहे थे। जानकारी मिलते ही बैठक छोड़कर एसपी समेत सभी अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अफसरों के सामने संदीप के शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। एसपी ने बताया कि खुदकुशी का कारण स्पष्ट नहीं है। घटना की जांच की जा रही है। संदीप के परिवार में पत्नी नीतू के अलावा तीन वर्ष की पुत्री आराध्या और एक चार माह की पुत्री भी है। जिस वक्त घटना हुई, उस वक्त संदीप की पत्नी अपने मायके औरैया गई हुईं थी। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला कसने से मौत की पुष्टि हुई है।
क्राइम ब्रांच में तैनाती को लेकर लुटेरा कह दिया था
सिपाही संदीप यादव ने की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
भाई बोला--- पत्रकारों से बातचीत करते हुए संदीप के भाई संजय यादव ने बताया कि तीन माह पूर्व जिले में तैनात एक थानाध्यक्ष ने संदीप की क्राइम ब्रांच में तैनाती को लेकर लुटेरा कह दिया था, जिससे संदीप काफी परेशान रहता था। संजय ने बताया कि उक्त एसओ पूर्व में क्राइम ब्रांच में तैनात रह चुके हैं।