नीतू शुक्ला की फाइल फोटो, पिता उपनिरीक्षक अनिल कुमार शुक्ला (फाइल फोटो)
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यूपी के बांदा जिले में महिला कांस्टेबिल नीतू शुक्ला की मौत के मामले में 15 दिन बाद भी जांच नतीजे तक नहीं पहुंची। कमासिन थाना परिसर में महिला कांस्टेबल नीतू शुक्ला की फांसी से मौत मामले में अभी तक जांच नतीजे तक नहीं पहुंची। थाना स्टाफ, पीएचसी डाक्टर और ग्रामीण समेत लगभग 37 लोगों के बयान जांच कर रहे क्षेत्राधिकारी दर्ज कर चुके हैं।
जांच के लिए लखनऊ फोरेंसिक लैब भेजे गए नीतू के मोबाइल फोन की अब तक रिपोर्ट न आने पर बुधवार को जांच अधिकारी ने लैब को रिमाइंडर भेजा है। 25 वर्षीय महिला कांस्टेबल नीतू शुक्ला का शव थाना परिसर स्थित क्वार्टर में दुपट्टे के फंदे पर 4 सितंबर को लटका मिला था। पिता उपनिरीक्षक अनिल कुमार शुक्ला ने हत्या का आरोप लगाकर पुत्री की मौत का जिम्मेदार तत्कालीन थाना प्रभारी प्रतिमा सिंह को ठहराया था। इंस्पेक्टर प्रतिमा सिंह और चार कांस्टेबल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस अधीक्षक एस आनंद को तहरीर दी थी।