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कांस्टेबल नीतू शुक्ला की मौत के मामले में '15 दिन बाद भी अधर में जांच', अबतक 37 लोगों के हुए बयान

Thu, 20 Sep 2018 07:31 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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नीतू शुक्ला की फाइल फोटो,  पिता उपनिरीक्षक अनिल कुमार शुक्ला (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के बांदा जिले में महिला कांस्टेबिल नीतू शुक्ला की मौत के मामले में 15 दिन बाद भी जांच नतीजे तक नहीं पहुंची। कमासिन थाना परिसर में महिला कांस्टेबल नीतू शुक्ला की फांसी से मौत मामले में अभी तक जांच नतीजे तक नहीं पहुंची। थाना स्टाफ, पीएचसी डाक्टर और ग्रामीण समेत लगभग 37 लोगों के बयान जांच कर रहे क्षेत्राधिकारी दर्ज कर चुके हैं।
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जांच के लिए लखनऊ फोरेंसिक लैब भेजे गए नीतू के मोबाइल फोन की अब तक रिपोर्ट न आने पर बुधवार को जांच अधिकारी ने लैब को रिमाइंडर भेजा है। 25 वर्षीय महिला कांस्टेबल नीतू शुक्ला का शव थाना परिसर स्थित क्वार्टर में दुपट्टे के फंदे पर 4 सितंबर को लटका मिला था। पिता उपनिरीक्षक अनिल कुमार शुक्ला ने हत्या का आरोप लगाकर पुत्री की मौत का जिम्मेदार तत्कालीन थाना प्रभारी प्रतिमा सिंह को ठहराया था। इंस्पेक्टर प्रतिमा सिंह और चार कांस्टेबल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस अधीक्षक एस आनंद को तहरीर दी थी।
 
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अब तक जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंची

नीतू के पिता उपनिरीक्षक अनिल कुमार शुक्ला (बाएं) के साथ एएसपी एलबीके पाल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक (सदर) कुलदीप कुमार गुप्ता को नियुक्त किया था। घटना के 15 दिन बीत गए, लेकिन अब तक जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। इस मामले में लगभग 37 लोगों के बयान कलमबंद हो चुके हैं।

लखनऊ फोरेंसिक लैब से अभी तक नीतू शुक्ला के मोबाइल का डाटा और डिटेल नहीं मिल पाई है। जांच अधिकारी सीओ कुलदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि हर बिंदु पर जांच की जा रही है। मोबाइल डिटेल और वीडियो क्लिप जल्द उपलब्ध कराने के लिए लैब को रिमाइंडर भेजा गया है। 
 
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