प्रियंका गांधी वाड्रा (फाइल फोटो)
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कुछ प्रदेशों में कांग्रेेस समर्थित सरकारों के आने के बाद कांग्रेसियों में उत्साह बढ़ा है। साल 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आगे बढ़ने के लिए पिछड़ों और अति पिछड़ों को पार्टी से जोड़ने का टारगेट दिया गया है। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान के संबंध में पहली बैठक गुरुवार को हुई।
इस अभियान का संयोजक राजाराम पाल को बनाया गया है। राजाराम पाल ने बताया कि 13 जनवरी तक वह प्रदेश के कई मंडलों में बैठक करेंगे। हर मंडल में बैठक की तारीख तय हो चुकी है। अगली बैठक झांसी में होगी और आखिरी बैठक आगरा में। गुरुवार को तिलक हॉल में आयोजित बैठक में उन्होंने बताया कि मंडलों की बैठकें पूरी होने के बाद प्रदेश भर में जिला स्तर पर पिछड़ों-अति पिछड़ों को जोड़ने का अभियान शुरू होगा।
इस तरह से पूरे दो वर्ष तक यह अभियान चलता रहेगा। बैठक में राकेश सचान, इटावा के अनिल यादव, शहर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री, आरके दिवाकर, रामबाबू यादव, फर्रुखाबाद के विजय सिंह राठौर, कन्नौज के आदेश पाल, अरुण यादव, राकेश कुशवाहा, अनिल कटियार, हीरालाल निषाद, विश्वंभर दिवाकर, राजू कश्यप, विमल पासवान, दिनेश पासवान, नरेश चंद्र त्रिपाठी मौजूद रहे।