कानपुर। मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने भाजपा सरकार को घेरे में लिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सुधार के नाम पर लोकसभा में एक और बिल पास करके दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी स्कीम मनरेगा को खत्म कर दिया। यह महात्मा गांधी की सोच को खत्म करने और गरीब भारतीयों से काम का अधिकार छीनने की जान-बूझकर की गई कोशिश है। वह रविवार को महानगर के मेस्टन रोड स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि मनरेगा पिछले दो दशक से कराेड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए लाइफ लाइन के रूप में रही है। मोदी सरकार ने मनरेगा को हटाकर 12 करोड़ मजदूरों के अधिकारों को कुचलने का काम किया है। आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों के बीच इस योजना को जानबूझकर खत्म करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया गया।
उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर भी मोदी सरकार को घेरा। आरोप लगाया कि मोदी और अमित शाह बदले की राजनीत के तहत काम कर रहे थे जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। कहा नेशनल हेराल्ड ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाने के लिए शुरू किया गया था। आरोप लगाया कि सरकार जांच एजेंसियों को डराने-धमकाने के लिए हथियार के रूप में प्रयोग कर रही है। उन्होंने इस मामले में ईडी की जांच का विरोध किया।
इसी तरह वोट चोरी के मामले को भी उन्होंने उठाया। कहा कि जब कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने भाजपा सरकार के वोट चोरी का पर्दाफाश किया तो सरकार के पास झूठ फैलाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। इस माैके पर महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता और ग्रामीण इकाई अध्यक्ष संदीप शुक्ला भी माैजूद रहे। इससे पहले महानगर पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। बाद में उन्होंने पूर्व मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया।