कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला
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लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के संगठनों की तैयारी और दावेदारों का दम परखने कानपुर आए पर्यवेक्षक राजीव शुक्ला दावेदारों की संख्या देखकर आश्चर्यचकित रह गए। पार्टी कार्यकर्ताओं और दावेदारों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा भी, अरे यहां तो बहुत ज्यादा दावेदार हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को पार्टी ने कानपुर लोकसभा का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। चुनावी तैयारियों की समीक्षा बैठक के लिए शुक्ला बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय तिलक हॉल पहुंचे। उन्होंने पहले विधानसभावार पार्टी के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद सभी 10 दावेदारों से एक-एक कर बात की।
दावेदार एक-एककर पर्यवेक्षक से मिलने पहुंचे। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश शुक्ला, शहर अध्यक्ष हर प्रकाश अग्निहोत्री, प्रमोद जायसवाल, आलोक मिश्रा, भूधर नारायण मिश्रा, मदन मोहन शुक्ला, अब्दुल मन्नान, पवन गुप्ता, आशीष पांडेय ने अपने पूर्व योगदान, जनाधार के साथ दावेदारी पेश की। अजय कपूर की अनुपस्थिति में उनके समर्थकों ने दावेदारी की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ कमेटी की जानकारी ली। पिछले चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के बारे में पूछा।
किदवई नगर विधानसभा के मुद्दे पर हंगामा
इस दौरान नेताओं की गुटबाजी से भी शुक्ला रूबरू हुए। समर्थकों ने अपने-अपने दावेदारों के पक्ष में नारेबाजी की। शिकवे-शिकायतों का भी दौर चला। संगठन के वर्तमान हालात की अपने नजरिए से जानकारी देने के साथ ही पसंदीदा दावेदार को टिकट देने की पैरवी हुई। पर्यवेक्षक से मिलने गए अधिकतर कार्यकर्ताओं ने शहर से ब्राह्मण प्रत्याशी को टिकट देने की वकालत की। इसकी वजह ब्राह्मणों के 24 फीसदी वोट बताए गए। वैश्य, मुस्लिम के गठजोड़ को भी जिताने वाला बताया गया।
विधानसभावार कार्यकर्ताओं से मिल रहे शुक्ला के सामने किदवई नगर विधानसभा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। निकाय चुनाव के दौरान पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़े अरुणेश निगम, निर्मल गुप्ता और मोहित दीक्षित ने विधानसभा के स्थानीय नेताओं के भितरघात का मुद्दा उठाया। इस बात का कुछ कार्यकर्ताओं की ओर से विरोध करने पर काफी देर तक बहस और हंगामा हुआ।
आतंक के खिलाफ सरकार को कांग्रेस का पूरा समर्थन
शहर अध्यक्ष ने स्थानीय स्तर पर बनाए जाने वाले पार्टी के घोषणापत्र में जाम, गड्ढों से पटी सड़कों, गंदगी, बंद मिलों और बिगड़ी कानून व्यवस्था को शामिल कराने की सलाह दी। सीसामऊ विधानसभा से कमल जायसवाल और इखलाक अहमद डेविड ने जरीब चौकी क्रॉसिंग पर पुल निर्माण को शामिल करने का प्रस्ताव दिया।
राजीव शुक्ला ने कहा कि आतंकवाद को सबसे ज्यादा कांग्रेस ने झेला है। पुलवामा घटना के बाद आतंक के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को कांग्रेस का पूरा समर्थन है। कार्रवाई पर सरकार को निर्णय लेना है। शुक्ला ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने युवाओं को ज्यादा से ज्यादा टिकट देने की बात कही है। इसका ख्याल रखा जाएगा। दावेदार शहर से होगा या बाहरी के सवाल पर कहा कि यह आलाकमान तय करेगा। वह अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपेंगे। छोटे दलों के साथ गठबंधन पर आलाकमान को निर्णय लेना है।