कोतवाल प्रमोद शुक्ला ने बताया कि अभिषेक के मोबाइल पर रात 1:05 बजे किसी की कॉल आई थी। अभिषेक ने इस नंबर पर 1: 26 बजे तक बात की। इस 21 मिनट की बातचीत के दौरान ही कुछ ऐसा हुआ कि अभिषेक ने सुसाइड नोट लिखा और कुर्सी पर चढ़कर छत पर लगे जाल में मां की साड़ी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली।
कोतवाल ने बताया कि अभिषेक की किताब में मिले सुसाइड नोट में एक लकड़ी का नाम, उसके दो मोबाइल नंबर और इसके साथ लड़की भाई और पिता के भी मोबाइल नंबर मिले हैं। इसके साथ सुसाइड नोट में लिखा उस लड़की को मत छोड़ना, शादी मत होने देना।
पिता ने बताया कि उसका किसी लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा है, इसकी जानकारी उन्हें या परिवार के किसी सदस्य को नहीं हैं। सुसाइड नोट में लिखे नंबर और नामों के बारे में भी नहीं जानते हैं। कोतवाल ने बताया कि मोबाइल कॉल डिटेल और सुसाइड नोट के आधार पर जांच की जा रही है। अगर परिजन किसी के खिलाफ तहरीर देते हैं तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद यमुना घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बड़े भाई गुलशन ने चिता को मुखाग्नि दी।