राजपुर। थाना क्षेत्र के भाल गांव निवासी युवक की मंगलवार रात को तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे इलाज के लिए पीएचसी ले गए। वहां उसने दम तोड़ दिया। परिजन ने पीएचसी में डॉक्टर के 10 मिनट देरी से आने पर नाराजगी जताई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल पर छानबीन की है।
भाल निवासी रामसेवक ने बताया कि छोटा भाई सोनू (40) फेफड़ों में संक्रमण की बीमारी से पीड़ित था। तीन महीने से उसका इलाज चल रहा था। मंगलवार रात 10 बजे उसकी घर पर तबीयत बिगड़ गई। इसपर परिजन उसे इलाज के लिए राजपुर पीएचसी ले गए। आरोप लगाया कि पीएचसी की इमरजेंसी में मौके पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। करीब 10 मिनट तक परिजन परिसर में डॉक्टर को खोजते रहे। इसके बाद इमरजेंसी में एक डॉक्टर आए और उन्होंने जांच के बाद भाई को मृत घोषित कर दिया।
अनहोनी पर बेटा नैतिक, बेटी इशिता और परिजन रोने लगे। रामसेवक ने बताया कि सोनू की पत्नी रूबी काफी समय से अपने मायके में रह रही थी। भाई ही बच्चों की देखभाल करता था। वहीं इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. जीपी द्विवेदी ने बताया कि 10 मिनट तक इमरजेंसी में न पहुंचने के आरोप गलत हैं। रात में वह अस्पताल परिसर के डॉक्टर कक्ष में मौजूद थे। मरीज आने की जानकारी पर तुरंत इमरजेंसी में पहुंचे थे।
राजपुर थानाध्यक्ष संजेश कुमार ने बताया कि परिजन के अनुसार युवक की बीमारी से मौत हुई है। मौत की वजह स्पष्ट करने के लिए शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया है। मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजन की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।