यूपी फायर सर्विस के जवान राकेश सिंह राणा ने बताया कि तीन साल नौकरी के हो गए। इतनी बड़ी आग को बुझाने का मौका पहली बार मिला है। रेस्क्यू के दौरान धुएं से बचने के लिए नाक पर गीला कपड़ा बांधकर काम कर रहे हैं। बताया कि खिड़की तोड़ने के दौरान काफी तेज आग की लपटें उठीं। किसी तरह नीचे कूदकर जान बचाई।
दुकानों के शटर बंद हैं, आग के चलते लोहे के शटर गलकर जाम हो गए हैं। आर्मी की फायर सर्विस में तैनात स्टेशन अफसर खुशी राम ने बताया कि 24 घंटे से भी ज्यादा वक्त से आग बुझाने के काम में लगे हैं। फायर टेंडरों को पानी रिफिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस काम में एक गाड़ी को करीब पौन घंटे तक का समय लग रहा है।