कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की सख्ती के बाद भी सात विभागों के अफसरों ने शिकायत निस्तारण में फर्जीवाड़ा कर दिया। कार्यालय में बैठकर फरियादियों से बिना बात किए ही पोर्टल पर शिकायत निपटा दी। सीएम कार्यालय से जिलाधिकारी को जब असंतुष्ट फीडबैक की सूची भेजी गई तो पोल खुली। डीएम ने घाटमपुर व बिल्हौर के तहसीलदार, नगर निगम, घाटमपुर बीडीओ समेत अन्य विभागों के अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जिलाधिकारी लगातार आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर नजर रख रहे हैं। इसके बाद भी कुछ अफसर सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। शासन में आईजीआरएस में आने वाली निस्तारित शिकायतों का फीडबैक लिया गया था। इसमें नगर निगम के 1503 प्रकरणों का फीडबैक लिया गया तो 777 लोग असंतुष्ट मिले। अधिशासी अभियंता जलकल विभाग के 530 मामलों का फीडबैक लिया तो 207 शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिले। तहसीलदार बिल्हौर राजस्व एवं आपदा विभाग से संबंधित 135 प्रकरण में 104 असंतुष्ट मिले। तहसीलदार घाटमपुर के राजस्व एवं आपदा विभाग से जुड़े 91 मामलों में फीडबैक लेने पर 77 असंतुष्ट मिले।
इसी तरह चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ग्राम विकास विभाग के खंड विकास अधिकारी घाटमपुर से संबंधित शिकायतों का निस्तारण में सबसे खराब प्रदर्शन रहा। अफसरों द्वारा लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी ने सभी से जवाब तलब किया है। जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभागों के अधिकारी प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल देखें। फरवरी में जिन विभागों की रैंकिंग सबसे खराब मिली तो उनके खिलाफ लिखकर शासन को पत्र भेजेंगे।
सभी के खिलाफ शासन को लिखेंगे पत्र
लगातार समीक्षा करने के बाद भी अफसर लापरवाही कर रहे हैं। ये बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। अब सभी के खिलाफ शासन को पत्र लिखा जाएगा। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी